वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा राजनीतिक संवाद में सौहार्द की कमी है और वह किसी प्रतिद्वंद्वी को एक कप कॉफी देने की कल्पना नहीं कर सकतीं। यह याद करते हुए कि तमिलनाडु और मद्रास प्रेसीडेंसी में सदन में कम्युनिस्ट नेता पी राममूर्ति और चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के बीच मजबूत बहस होती थी, इसके बावजूद सीतारमण ने कहा कि राजाजी ने अपने प्रतिद्वंद्वी से रुकने का अनुरोध किया और एक कप कॉफी की पेशकश की।
वित्त मंत्री मुंबई में एन वाघुल की पुस्तक रिफ्लेक्शंस के विमोचन में शामिल हुईं
सीतारमण ने मुंबई में दिग्गज बैंकर एन वाघुल की पुस्तक 'रिफ्लेक्शंस' के विमोचन के मौके पर कहा, "मैं एक कप कॉफी देने की कल्पना नहीं कर सकती।" सीतारमण ने राजनीतिज्ञों के साथ वाघुल के बार-बार टकराव का भी जिक्र किया और कहा कि किसी व्यक्ति या उसके आसपास के लोगों की ओर से सत्ता का इस्तेमाल करने से करियर बन सकता है या टूट सकता है।
2021 में उनकी ओर से पेश किए गए बजट में पहली बार निजीकरण शब्द का किया गया उल्लेख
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि चालीस साल तक प्रत्येक सरकार ने यह दिखाने के लिए अपने से पिछली सरकार के साथ प्रतिस्पर्धा की कि वे उससे पहले की सरकार की तुलना में अधिक समाजवादी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार, 2021 में उनकी ओर से पेश किए गए बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन के कारण "निजीकरण" शब्द का उल्लेख किया गया।