उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को इस संकट से संभालने के लिए मिल कर उसी तरह से जोरदार तरीके से खर्च करने की जरूरत है जैसा 2008 के वित्तीय संकट के समय किया गया था।
उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्थाओं को मदद की जरूरत
इस संदर्भ में आईएमएफ प्रमुख ने ब्लॉग लिखा, जिसमें बताया कि इस समय उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्थाओं को भी मदद की जरूरत है क्योंकि उनके यहां से इस समय नकद धन की बहुत अधिक निकासी हो रही है। उन्होंने कहा है, ‘‘वायरस के प्रसार को देखते हुए’’ देशों के व्यक्तिगत प्रयासों के भी आगे बढ़ कर इस समय वैश्विक स्तर पर एक समन्वित और सुचारू वित्तीय प्रोत्साहन की आवश्यकता का अधिक सशक्त तर्क बनता है।
निवेशकों ने बाजारों से निकाले 42 अरब डॉलर
इस बीच कोरोना वायरस संकट के दौरान निवेशक उभरते बाजारों से 42 अरब डॉलर की भारी भरकम पूंजी निकाल चुके है। उन्होंने कहा कि यह अब तक की सबसे बड़ी निकासी है। जॉर्जीवा ने बड़े देशों के केंद्रीय बैंकों से अपील की है कि वे बाजार में वित्तीय दबाव को कम करने के लिए मदद करें।
अमेरिका में लगा कर्फ्यू
बता दें कि कोरोना के खौफ से अमेरिका के कई राज्यों में कर्फ्यू की घोषणा की गई है। अमेरिका में शोधकर्ताओं ने कोरोना के एक मरीज पर वैक्सीन का पहला शॉट दिया है। पोलैंड के पर्यावरण मंत्री संक्रमित पाए गए हैं। पाकिस्तान में संक्रमित मरीजों की संख्या 183 हो गई है। वहीं, स्पेन और पुर्तगाल ने अपनी सीमाएं बंद कर दी हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बैठकें रद्द कीं
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर इस सप्ताह होने वाली दो बैठकों को सोमवार को रद्द कर दिया। अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता चीन कर रहा है। सुरक्षा परिषद मंगलवार की बैठक रद्द होने के बाद सूडान के दरफुर की स्थिति पर बुधवार को चर्चा करने और गुरुवार को बहुपक्षवाद पर बात करने की योजना बना रहा था। दूसरे देशों के राजनयिकों ने भी फैसले की पुष्टि की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पत्रकारों को बताया कि संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के एक कर्मचारी में कोविड-19 का पता चला है। पिछले सप्ताह फिलीपीन के एक राजनयिक भी वायरस से संक्रमित पाए गए थे।