वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के एक साल पूरे होने कांग्रेस ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसकी तुलना एक बार फिर से गब्बर सिंह टैक्स से की है।
बढ़ गई परेशानियां
सुरजेवाला ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के एक साल बाद भी लाखों व्यापारियों, कारोबारियों और दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। सुरजेवाला ने कहा कि अभी भी यह सिंपल टैक्स नहीं बन पाया है।
इस वजह से आ रही हैं दिक्कतें
जीएसटी के बहुत से नियम, रिटर्न और टैक्स स्लैब का सामना करने से व्यापारियों का जीवन मुश्किलों भरा और दुखमय हो गया है। पार्टी के एक अन्य नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि 2008 से 2010 के बीच कांग्रेस सरकार ने जो जीएसटी सोचा था वो वास्तविक जीएसटी होता।
अपनी व्यक्तिगत महत्वकांक्षा को पूरा करने के लिए आधी रात को 12 बजे सरकार ने जीएसटी पास तो करवा दिया, लेकिन जनता की परेशानी दूर होने का नाम नहीं ले रही है। अगर चार से छह महीने इससे जुड़े अन्य स्टेक होल्डर्स से विचार विमर्श करके लोगों की परेशानियों को समझते तो इस प्लेटफार्म को और सुदृढ़ कर सकते थे।
छोटे दुकानदारों को परेशानी
कांग्रेस का कहना है कि छोटे दुकानदार आज तक जीएसटी रिटर्न को ऑनलाइन फाइल नहीं कर पा रहे है। जिस जीएसटी में छह से अधिक दरें हैं वो वन नेशन वन टैक्स कैसे हुआ। आज भी जीएसटी के दायरे में क्या-क्या चीजें नहीं हैं। 60 फीसदी चीजें तो एक्साइज ड्यूटी के अंदर ही हैं। पेट्रोल, बिजली, रियल इस्टेट भी जीएसटी के अंदर नही है।