फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस का सरकार पर वार: कोयला-बिजली के बाद एलआईसी आईपीओ पर तकरार, शेयरों की कीमत को लेकर निशाने पर लिया

Tue, 03 May 2022 05:29 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बुधवार को एलआई का आईपीओ लॉन्च होने वाला है और उससे एक दिन पहले मंगलवार को कांग्रेस ने कंपनी के शेयरों के मूल्य निर्धारण पर सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने 30 करोड़ पॉलिसीधारकों के ट्रस्ट की कीमत पर शेयरों की कीमत कम तय की है।
विज्ञापन
एलआईसी आईपीओ को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश का सबसे बड़े आईपीओ का लंबे समय से देश की जनता को इंतजार था, जो कि अब खत्म हो रहा है। बुधवार चार मई को एलआईसी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है, लेकिन इससे पहले इस पर राजनीतिक तकरार भी शुरू हो गई है। दरअसल, कोयला और बिजली संकट को लेकर सरकार पहले से ही कांग्रेस के निशाने पर थी, लेकिन अब कांग्रेस ने आईपीओ को लेकर सरकार पर आरोप लगाया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...

विज्ञापन


शेयरों की कम कीमत निर्धारित की गई
सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एलआईसी का आईपीओ कल से निवेशकों के लिए खुल जाएगा। इसके जरिए सरकार एलआईसी में 3.5 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री करेगी, जिसके तहत 22 करोड़ से ज्यादा शेयर जारी किए जाएंगे। इस आईपीओ के जरिए सरकार की बाजार से 21 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। गौरतलब है कि पहले सरकार की तैयारी एलआईसी में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की थी और इश्यू का आकार 65 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। लेकिन विभिन्न कारणों से शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के कारण एलआईसी के मूल्यांकन से लेकर इश्यू का आकार तक घटा दिया गया। अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है और कांग्रेस ने इसे आड़े हाथों लिया है। मंगलवार को यानी एलआईसी का आईपीओ लॉन्च होने से महज एक दिन पहले कांग्रेस ने एलआईसी आईपीओ के तहत शेयरों के मूल्य निर्धारण पर सवाल उठाया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 30 करोड़ पॉलिसीधारकों के ट्रस्ट की कीमत पर शेयरों की कीमत कम तय की गई है और सरकार द्वारा उन्हें कम कीमत पर पेश किया जा रहा है। 

दो महीने में आधी कैसे हो गई वैल्यू?
कांग्रेस महासचिव और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि फरवरी महीने में एलआईसी का मूल्यांकन 12 से 14 लाख करोड़ रुपये था, जिसे सिर्फ दो महीने में ही घटाकर छह लाख करोड़ रुपये कर दिया गया। सुरजेवाला यहीं नहीं थमे और उन्होंने कहा कि सरकार आखिर एलआईसी को बेचने की कोशिश क्यों कर रही है, वो भी ऐसे समय में जबकि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और अन्य कारणों से भारत समेत वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मची है। उन्होंने सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश के प्रभारी सचिव के बयान का हवाला देते हुए सरकार से सवाल पूछा कि प्रभारी सचिव की ओर से कहा गया है कि बाजार की स्थिति पूरी तरह अनुकूल नहीं होने तक सरकार सार्वजनिक उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगी, तो फिर एलआईसी का आईपीओ इस नीति का अपवाद क्यों है? सुरजेवाला ने कहा कि पूरा भारत सरकार से इस सवाल का जवाब चाहता है। 
विज्ञापन


एलआईसी के 30 करोड़ पॉलिसीधारक
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि एलआईसी के पास 30 करोड़ पॉलिसीधारक हैं और इसकी कुल संपत्ति सितंबर 2021 तक 39,60,000 करोड़ रुपये (526 अरब डॉलर) थी, जबकि स्टॉक पोर्टफोलियो की बात करें तो 52,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि कंपनी को अप्रैल-सितंबर 2021 तिमाही में अपने निवेश से 3.35 लाख करोड़ रुपये की आय हुई थी। इसके अलावा देश भर में अपने 3,542 कार्यालयों के माध्यम से एलआईसी सीधे 13.94 लाख परिवारों (12.80 लाख एजेंटों और 1.14 लाख कर्मचारियों) को रोजगार देती है। सुरजेवाला ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि एलआईसी प्रति वर्ष तीन करोड़ पॉलिसी जारी करती है, जो प्रति दिन लगभग एक लाख पॉलिसी के बराबर होती है और इसे दुनिया का 10 वां सबसे बड़ा बीमा ब्रांड घोषित किया जाता है। ऐसे में इसके शेयरों का कम मूल्य निर्धारित करना गलत है। 

इतनी कीमत तय की गई शेयरों की
यहां बता दें कि सरकार की ओर से एलआईसी के शेयरों की कीमत 902-949 रुपये प्रति शेयर निर्धारित की गई है। इस आईपीओ के लिए सरकार ने 20 फीसदी एफडीआई को भी मंजूरी दी है। गौरतलब है कि इस आईपीओ के तहत 15,81,249 शेयर कर्मचारियों के लिए और 2,21,37,492 शेयर पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित हैं। पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए 9.88 करोड़ से अधिक शेयर और गैर-संस्थागत खरीदारों के लिए 2.96 करोड़ से अधिक शेयर आरक्षित हैं। खुदरा निवेशकों और पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 45 रुपये की छूट मिलेगी, जबकि एलआईसी के पॉलिसीधारक 60 रुपये प्रति शेयर की छूट पा सकेंगे। एलआईसी के आईपीओ का लॉट साइज 15 शेयरों का है। यानी अगर आप एलआईसी के आईपीओ में हिस्सा लेना चाहते हैं तो आपको कम से कम 15 शेयरों के लिए बोली लगानी पड़ेगी। एलआईसी ने आईपीओ में किसी एक इन्वेस्टर के लिए दो लाख रुपये की लिमिट तय की है। 
विज्ञापन




 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें