सीआईआई ने रविवार को अपने सुझावों में कहा, 145 करोड़ के साथ भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश है। 29 वर्ष की औसत आयु के साथ यह युवा देश भी है और 2050 तक इसकी कामकाजी आबादी में 13.3 करोड़ लोग जुड़ने वाले हैं। ऐसे में भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का उपयोग करने के लिए अन्य लक्षित उपायों के अलावा एक एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति, श्रम-प्रधान क्षेत्रों को समर्थन और एक अंतरराष्ट्रीय परिवहन प्राधिकरण की स्थापना की जरूरत है।
सरकार एक फरवरी को पेश होने वाले 2025-26 के बजट में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा कर सकती है। युवाओं को उत्पादक बनाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में समावेशी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन महत्वपूर्ण है। देश में अधिक रोजगार पैदा करने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सरकार को सात सुझाव दिए हैं।
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सीआईआई ने रविवार को अपने सुझावों में कहा, 145 करोड़ के साथ भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश है। 29 वर्ष की औसत आयु के साथ यह युवा देश भी है और 2050 तक इसकी कामकाजी आबादी में 13.3 करोड़ लोग जुड़ने वाले हैं। ऐसे में भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का उपयोग करने के लिए अन्य लक्षित उपायों के अलावा एक एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति, श्रम-प्रधान क्षेत्रों को समर्थन और एक अंतरराष्ट्रीय परिवहन प्राधिकरण की स्थापना की जरूरत है।
कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की वकालत भी की गई है। इसके लिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व फंड का उपयोग कर हॉस्टल निर्माण और देखभाल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों का औपचारिकीकरण कर नई पहल की जा सकती है।
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ग्रामीण इलाकों में सरकारी कार्यालयों में इंटर्नशिप कार्यक्रम
सीआईआई ने अपने सुझाव में कहा, सरकार कॉलेज-शिक्षित युवाओं के लिए ग्रामीण इलाकों में सरकारी कार्यालयों में इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने पर विचार कर सकती है।
यह पहल शिक्षा और व्यावसायिक कौशल के बीच की खाई को पाटने के साथ सरकारी कार्यालयों में अल्पकालिक रोजगार के अवसर पैदा करेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी।
इंटर्नशिप योजना ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए बनाए गए विभिन्न कार्यक्रमों और सरकारी पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उपलब्ध जनशक्ति संसाधनों को बढ़ाने में भी मदद करेगी।
ये हैं सात सुझाव
एक एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति
श्रम-प्रधान क्षेत्रों को समर्थन
एक अंतरराष्ट्रीय परिवहन प्राधिकरण की स्थापना
सरकारी कार्यालयों में इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करना
आयकर कानून के धारा-80जेजेएए के स्थान पर एक नया प्रावधान शुरू करना
कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व फंड से हॉस्टल निर्माण
देखभाल अर्थव्यवस्था का औपचारीकरण, उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन
80जेजेएए की जगह नया प्रावधान
नए रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आयकर कानून की धारा 80जेजेएए की जगह एक नया प्रावधान शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है। नया प्रावधान सकल कुल आय से अध्याय वीआईए कटौती के रूप में जारी रहना चाहिए, जो करदाता की ओर से रियायती टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुनने पर भी उपलब्ध है।
एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति
भारतीय उद्योग परिसंघ ने एक एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति का सुझाव दिया है। इसमें विभिन्न मंत्रालयों/राज्यों की ओर से वर्तमान में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न रोजगार सृजन योजनाओं को शामिल किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, एकीकृत नीति एकल एकीकृत रोजगार पोर्टल-राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) पर भी आधारित हो सकती है। इसमें विभिन्न मंत्रालयों और राज्य पोर्टलों से सभी डाटा लिया जा सकेगा।
उत्पादकता बढ़ाने पर भी देना होगा ध्यान
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, रोजगार बढ़ाने के साथ भारत को उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर देना होगा। भारत के वृद्धिशील पूंजी उत्पादन अनुपात (आईसीओआर) को इसके वर्तमान स्तर 4.1 से नीचे लाने की जरूरत है। हमें इसे मापने के लिए मानक स्थापित करने की जरूरत है। वास्तव में, 2025-26 के बजट में इस पर अधिक विस्तार से अध्ययन करने और आगे के उपायों की सिफारिश करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की जा सकती है।