14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान महंगाई की मार झेल रहा है। पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में जहां भारत के 40 जवान शहीद हो गए थे, वहीं इस हमले से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई है। मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीनने से और भारत द्वारा पाकिस्तान से आयात होने वाले सभी सामानों पर सीमा शुल्क 200 फीसदी बढ़ाने से पड़ोसी मुल्क को झटका लगा था। पड़ोसी मुल्क से आयात होने वाले सामान पर शुल्क बढ़ाने से अटारी बॉर्डर से होने वाला भारत-पाकिस्तान व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है।
व्यापार ठप होने का सीधा असर ट्रक ऑपरेटर्स पर पड़ा है। 14 फरवरी से लेकर अब तक ट्रक ऑपरेटर्स ने केवल 250 ट्रक ही बेचें हैं। इनमें से कईं ट्रक ऑपरेटर ऐसे भी हैं, जिन्होंने बैंक से लोन लेकर ट्रक खरीदा था। ऐसे में अब उनके लिए किस्त चुकाना मुश्किल हो गया है। उनका हाल इतना बुरा है कि वो अब अपनी जमीन और घर बेचने के लिए मजबूर हैं।
इस संदर्भ में अटारी ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन के प्रधान कुलविंदर सिंह संधू ने बताया कि, 'आईसीपी बनने के बाद 160 लोगों ने 517 गाड़ियां खरीदी थीं। लेकिन भारत की ओर से आयात शुल्क बढ़ाने के बाद से काम पूरी तरह से बंद हो गया है। एक डेढ़-महीने इंतजार भी किया कि शायद काम चल जाए, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।'