‘स्टार्टअप इंडिया इनोवेशन वीक’ में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उद्यमियों को मेक इन इंडिया कार्यक्रम को मजबूत करने, भारत में नवाचार को बढ़ावा देने और नए स्टार्टअप को सलाह देने पर काम करना चाहिए।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कह कि स्टार्टअप स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सामाजिक व लोकतांत्रिक बनाने में ऐसे समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जब दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है।
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‘स्टार्टअप इंडिया इनोवेशन वीक’ में उन्होंने कहा कि उद्यमियों को मेक इन इंडिया कार्यक्रम को मजबूत करने, भारत में नवाचार को बढ़ावा देने और नए स्टार्टअप को सलाह देने पर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'मैं आने वाले वर्षों में स्टार्टअप के विकास के लिए साझा करना, खोज, पोषण, सेवा, सशक्तीकरण जैसे पांच मंत्र देता हूं।' गोयल ने कहा, सरकार ने स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 2018-21 के दौरान स्टार्टअप ने देश के छह लाख से अधिक लोगों की नौकरियां दी हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
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75 और स्टार्टअप बन सकते हैं यूनिकॉर्न
गोयल ने कहा कि नए साल यानी 2022 में 75 और स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित करना होगा। देश में वर्तमान में 82 यूनिकॉर्न हैं, जिनमें आधे से अधिक का मूल्यांकन पिछले साल एक अरब डॉलर पार पहुंच गया है। उन्होंने कहा, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत को 76 से 46वें स्थान पर पहुंचाने में स्टार्टअप की अहम भूमिका रही है।