साल 2026 के पहले सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ दलाल स्ट्रीट पर हलचल शुरू होने वाली है। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक इकाई, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने अपने आगामी आईपीओ के लिए ₹21 से ₹23 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। ₹1,071.11 करोड़ का यह इश्यू पूरी तरह से कोल इंडिया की ओर से 'ऑफर फॉर सेल' (ओएफएस) पर आधारित है।
कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान और रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, आईपीओ की महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं-
इस निर्गम के तहत 46.57 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। आवंटन की बात करें तो, इश्यू का 50% हिस्सा पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित है, जबकि 35% गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) और शेष 15% रिटेल निवेशकों के लिए सुरक्षित रखा गया है।
बीसीसीएल की लिस्टिंग कोयला क्षेत्र में सरकार की व्यापक विनिवेश रणनीति का हिस्सा है। इसका मकसद कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के मूल्य को अनलॉक करना और परिचालन में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि कोल इंडिया की एक अन्य इकाई, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) ने भी पिछले साल ही लिस्टिंग के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे।
क्रिसिल (क्रिसिल) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में बीसीसीएल उत्पादन के मामले में भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी रही है। कंपनी के परिचालन नेटवर्क की बात करें तो 30 सितंबर, 2025 तक इसके पास 34 खदानें सक्रिय थीं, जिनमें 26 ओपनकास्ट, 4 भूमिगत और 4 मिश्रित खदानें शामिल हैं। हालांकि, उत्पादन के आंकड़ों में हालिया गिरावट देखी गई है। 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छह महीने की अवधि में कंपनी का कोयला उत्पादन 15.75 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 19.09 मिलियन टन था।
यह आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय बाजार अपने ऐतिहासिक शिखर पर है। वर्ष 2025 आईपीओ के लिए एक 'ब्लॉकबस्टर' साल साबित हुआ, जहां घरेलू तरलता और मजबूत आर्थिक परिवेश के दम पर कंपनियों ने रिकॉर्ड ₹1.76 लाख करोड़ जुटाए। यह 2024 के ₹1.6 लाख करोड़ और 2023 के ₹49,436 करोड़ के मुकाबले कहीं अधिक है।