दूरसंचार नियामक ट्राई एक माह में इंटरनेट आधारित टेलीफोन सेवा पर परामर्श पत्र प्रस्तुत करेगी। यह जानकारी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा ने दी। उनसे मोबाइल ऐप्लीकेशंस से की जाने वाली कॉल पर नियामक के विचारों के बारे में पूछा गया था।
इंटरनेट का इस्तेमाल कर विभिन्न मोबाइल ऐप से की जाने वाली कॉल के लिए संरचना को लेकर उद्योग में बड़ी बहस छिड़ गई है। हाल ही में दूरसंचार उद्योग संगठन सीओएआई ने सरकारी क्षेत्र की बीएसएनएल की ऐप आधारित कॉलिंग सेवा को लेकर आपत्ति जताई है। सीओएआई ने कहा है कि यह सेवा मौजूदा कानूनों का उल्लंघन करती है।
बीएसएनएल की सेवा ग्राहकों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर लैंडलाइन कॉल और लैंडलाइन का इस्तेमाल कर मोबाइल कॉल करने की अनुमति प्रदान कर रही है। इसे 17 मार्च को टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा टेलीकॉम सचिव, जेएस दीपक की मौजूदगी में लांच किया गया था।
इस ऐप के जरिए, विदेश यात्रा करने वाले बीएसएनएल ग्राहक अपने लैंडलाइन्स को मोबाइल से जोड़ने में सक्षम हो जाएंगे और ज्यादा आईएसडी शुल्क दिए बिना कॉल कर सकेंगे। शर्मा ने आगे कहा कि मौजूदा संदर्भ में यह परामर्श पत्र इंटरनेट टेलीफोनी के लिए संरचना की जांच करेगा।