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China: ट्रंप से टैरिफ पर तनाव के बाद चीन ने उठाया बड़ा कदम, डब्ल्यूटीओ में विकासशील देशों का दर्जा छोड़ेगा

Wed, 24 Sep 2025 02:54 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

China: अमेरिका लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि चीन को विकासशील देश का दर्जा छोड़ देना चाहिए क्योंकि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। विश्व व्यापार संगठन विकाशशील देशों को कई फायदे देता है। इन फायदों में आयात के लिए अपने बाजार खोलने की कम जरूरतें और बाजार खोलने के कदमों को लागू करने के लिए लंबी मिलने जैसी चीजें शामिल हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
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चीन अब विश्व व्यापार संगठन के समझौतों में विकासशील देशों को दिए जाने वाले विशेष सुविधाओं की मांग नहीं करेगा। चीन के रुख में यह एक ऐसा बदलाव है। इसकी मांग अमेरिका लंबे समय से कर रहा था। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि यह कदम ऐसे समय में वैश्विक व्यापार प्रणाली को बढ़ावा देने का प्रयास है, जब यह टैरिफ युद्धों और अलग-अलग देशों द्वारा आयात को प्रतिबंधित करने के संरक्षणवादी कदमों से खतरे में है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका का नाम नहीं लिया, न ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इस वर्ष चीन सहित कई अन्य देशों पर टैरिफ लगाए जाने का उल्लेख किया।

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अमेरिका लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि चीन को विकासशील देश का दर्जा छोड़ देना चाहिए क्योंकि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। विश्व व्यापार संगठन में इस दर्जे के फायदों में आयात के लिए अपने बाजार खोलने की कम जरूरतें और बाज़ार खोलने के ऐसे क़दमों को लागू करने के लिए लंबी संक्रमण अवधि शामिल है।

विश्व व्यापार संगठन वैश्विक व्यापार वार्ता के लिए एक मंच प्रदान करता है और समझौतों को लागू करता है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता कम हो गई है, जिसके कारण सुधार की मांग उठ रही है। जिनेवा स्थित संगठन के प्रमुख ने चीन के इस कदम को "डब्ल्यूटीओ सुधार के लिए एक बड़ी खबर" बताया और एक्स पर एक पोस्ट में देश के नेताओं की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
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डब्ल्यूटीओ के महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो-इवेला ने लिखा, "यह कई वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।" चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में चीन द्वारा आयोजित विकास मंच को संबोधित करते हुए इस परिवर्तन की घोषणा की।

चीन एक मध्यम आय वाला देश है और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह विकासशील दुनिया का हिस्सा बना हुआ है। हालांकि, अब यह अन्य देशों के लिए सड़क, रेलवे, बांध और अन्य प्रमुख परियोजनाओं के निर्माण के लिए ऋण और तकनीकी सहायता का स्रोत बन गया है। ये प्रोजेक्ट्स अक्सर चीन की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों की ओर से संचालित होते हैं।

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