कारोबारी जैक मा की कंपनी एंट ग्रुप को चीन ने बड़ा झटका दिया है। उसने कंपनी पर करीब एक अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है। जुर्माना लगाने के पीछे की वजह उपभोक्ता सुरक्षा कानून और कार्पोरेट नियमों का उल्लंघन बताया गया है। ये मामले कॉरपोरेट गवर्नेंस, उपभोक्ता की सुरक्षा और मनी लॉन्डरिंग से जुड़ी गड़बड़ियों के हैं। एंट ग्रुप पेमेंट फर्म अली पे का संचालन भी करता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन सिक्योरिटीज रेगुलेटरी कमीशन, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना और नेशनल फाइनेंशियल रेगुलेटरी एडमिनिस्ट्रेशन ने एक संयुक्त बयान में कहा, एंट ग्रुप ने बैंकिंग और बीमा, भुगतान, मनी लॉन्ड्रिंग और फंड बिक्री में व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित नियमों को तोड़ा है। वहीं, एंट ग्रुप ने जुर्माने की शर्तों का पालन करने की बात कही है। ग्रुप का कहना है कि वह अपने अनुपालन प्रशासन को और बढ़ाएगा।
एंट ग्रुप ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा का सहयोगी है, जिसकी स्थापना भी मा ने की है। अलीबाबा के शेयरों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी तीन साल पहले ही जांच के घेरे में आ गई थी, जब रिकॉर्ड तोड़ पेशकश की गई थी। साल 2020 के अंत में कंपनी ने 37 अरब डॉलर का आईपीओ लाने का फैसला टाल दिया था। कहा जा रहा था कि यह इतिहास में सबसे बड़ी शेयर बिक्री बनने की राह पर था।
इसके सामने आने पर देश के निजी उद्यम पर अंकुश लगाने के लिए चीनी सरकार द्वारा एक व्यापक अभियान की शुरुआत की गई थी। उसके बाद से चीन के डोमेस्टिक टेक्नोलॉजी सेक्टर पर दो साल तक सरकार ने शिकंजा कस दिया और एंट को अपने बिजनेस में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ा।
चीनी सेंट्रल बैंक और सिक्योरिटीज रेगुलेटर ने एक बयान में कहा कि टेक दिग्गज कंपनियों में सुधार लाने के अपने कैपेंन में आगे बढ़ रहे हैं और अब उनका ध्यान सामान्य देखरेख की तरफ है। एंट के इस सेक्टर में उभरने को भी देश की वित्तीय स्थिति के लिए चुनौती के तौर पर देखा गया था।
बता दें, अप्रैल 2021 में, एकाधिकारवादी की तरह व्यवहार करने के लिए अलीबाबा पर 2.5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था, जो चीन के लिए एक रिकॉर्ड है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना में कम्युनिस्ट पार्टी के बॉस गुओ शूकिंग ने जनवरी में बताया कि सरकार की कार्रवाई अनिवार्य रूप से खत्म हो गई है क्योंकि उन्हें आर्थिक विकास, नौकरियों और विदेशों में चीन की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने की उम्मीद है।