दुनिया में बढ़ते कोरोना के कहर के बीच जिस देश से इस महामारी की शुरुआत हुई वहां 1970 के बाद आर्थिक स्तर पर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चीन की जीडीपी 1976 की विनाशकारी सांस्कृतिक क्रांति के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट के साथ 2020 की पहली तिमाही में यह 6.8 प्रतिशत दर्ज हुई है।
इस दौरान कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए उठाए गए उपायों के चलते दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थम गई थी। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने शुक्रवार को कहा कि 2020 में जनवरी से मार्च के बीच चीन का सकल घरेलू उत्पाद 20,650 अरब युआन (लगभग 2910 अरब डॉलर) रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 6.8 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
आंकड़ों के मुताबिक इस तिमाही के प्रारंभिक दो महीनों में 20.5 फीसदी की कमी आई। हालांकि तीसरे माह में अपेक्षाकृत कुछ सुधार आया। चीनी अर्थव्यवस्था में 2019 में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध के कारण यह वृद्धि दर पिछले 29 वर्षों में सबसे कम थी, लेकिन 6 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर थी। अब कोरोना के चलते चीनी अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है।
आगे भी रहेगी यही स्थिति
कोरोना वायरस की वजह से चीन में अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है और माना जा रहा है कि आगे भी कुछ समय के लिए यही स्थिति रहेगी। पूर्वानुमान के अनुसार निर्यातकों को और गिरावट का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि वायरस के कारण अमेरिका और यूरोप में स्थिति अभी भयावह है। बीजिंग स्थित फाइनेंस इंस्टीट्यूट में अर्थशास्त्री जू जेनक्सिन का कहना है कि मुझे नहीं लगता कि हम चौथी तिमाही या साल के अंत तक अर्थव्यवस्था बहाल कर पाएंगे।