चीन की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से उबरती दिख रही है। चीन की अर्थव्यवस्था ने सितंबर में समाप्त तिमाही में इससे पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। सोमवार को जारी सितंबर तिमाही के आंकड़े उम्मीद के अनुरूप आए हैं।
कारखाना उत्पादन भी सुधरा
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने मार्च में महामारी को पूरी तरह नियंत्रित करने की घोषणा करते हुए कारखानों, दुकानों और कार्यालयों को खोल दिया था। मास्क और अन्य चिकित्सा उत्पादों की विदेशी मांग बढ़ने से चीन का कारखाना उत्पादन भी सुधरा है।
स्थिर तरीके से आगे बढ़ रही है अर्थव्यवस्था
इसके साथ ही चीन में खुदरा बिक्री का आंकड़ा भी अब कोविड-19 के पूर्व के स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो की रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था अब स्थिर तरीके से आगे बढ़ रही है। हालांकि, ब्यूरो ने आगाह किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति अब भी जटिल और गंभीर बनी हुई है।
कोरोना वायरस की शुरुआत चीन में पिछले साल दिसंबर में हुई थी। जून में समाप्त तिमाही में चीन ने 3.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की थी। महामारी के दौर में चीन वृद्धि दर्ज करने वाला दुनिया का पहला प्रमुख देश था।
सितंबर में 9.9 फीसदी बढ़ा निर्यात
मालूम हो कि सितंबर में चीन के व्यापार के आंकड़े भी काफी अच्छे रहे हैं। सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में चीन का निर्यात 9.9 फीसदी बढ़कर 239.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अगस्त में निर्यात में 9.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी।
13.2 फीसदी बढ़ा आयात
इसी तरह सितंबर में आयात 13.2 फीसदी बढ़कर 202.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अगस्त में चीन के आयात में 2.1 फीसदी की गिरावट आई थी। कोविड-19 महामारी की वजह से दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में लॉकडाउन लगाया गया था। लेकिन चीन की अर्थव्यवस्था लॉकडाउन के बाद जल्दी खुल गई है, जिसका फायदा उसके निर्यातकों को हो रहा है।