डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग
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क्या चीन लाएगा बड़ा राहत पैकेज?
यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो चीन के सामने साल 2026 के लिए निर्धारित 4.5-5% के विकास लक्ष्य को हासिल करने की भारी चुनौती होगी, जो 1991 के बाद का सबसे निचला स्तर है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग कर्ज बढ़ाने वाले 'स्टिमुलस' (आर्थिक प्रोत्साहन) पैकेजों को अर्थव्यवस्था की कमजोरी और नैतिक विफलता मानते हैं। वे चाहते हैं कि व्यवसाय और उपभोक्ता सरकारी बेल-आउट पर निर्भर रहने के बजाय खुद को संभालें। लेकिन, अगर निर्यात गिरता है और सुस्त पड़ा प्रॉपर्टी बाजार उबर नहीं पाता है, तो सरकार को मजबूरन ब्याज दरों में तेजी से कटौती करनी पड़ सकती है और सार्वजनिक खर्च बढ़ाना पड़ सकता है।
ड्रैगन के बारे में जानकारों की क्या राय?
आर्थिक जानकारों का मानना है कि कमजोर निर्यात की स्थिति में चीन को अपनी घरेलू मांग बढ़ानी होगी। स्टिमुलस के जरिए घरेलू मांग में होने वाली यह वृद्धि न केवल चीनी परिवारों के लिए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होगी। हालांकि, अमेरिका के लिहाज से यह एक बड़ी विडंबना ही होगी कि डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और युद्ध ने विश्व बाजारों को तो अस्थिर कर दिया, लेकिन अंततः यह संकट चीन की अर्थव्यवस्था को निर्यात-निर्भरता से हटाकर अधिक संतुलित बना सकता है। ऐसे में, यह जाहिर है कि जिस चीन को कमजोर करने की ट्रंप दिन-रात जुगत में लगे रहने का दावा करते हैं, वह उनके ही कर्मों से अपने हालात बेहतर करने में सफल हो रहा है।