आईसीबीसी ने दो साल पहले फ्लोटिंग ब्याज दरों पर ऋण दिया था, जो लगभग 7.5 प्रतिशत था। बता दें कि आईएमएफ की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2024 तक पाकिस्तान का कुल विदेशी वाणिज्यिक ऋण 6.2 अरब डॉलर है। इसमें 5.4 अरब डॉलर का चीनी वाणिज्यिक ऋण भी शामिल है।
चीन ने पाकिस्तान को जून के अंत तक 3.7 अरब डॉलर का वाणिज्यिक ऋण देने का आश्वासन दिया है। इससे पाकिस्तान अपने विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेन रिजर्व) को दोहरे अंकों में बनाने में कामयाब हो जाएगा।
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बुधवार को द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सरकारी सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस बार चीन जो ऋण देगा वह चीनी मुद्रा में देगा। इससे पहले चीन जितने भी ऋण देता आया है वह डॉलर में होता था रिपोर्ट के अनुसार चीन ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की निर्भरता डॉलर से हट जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि पाकिस्तान पहले ही इस साल मार्च और अप्रैल के बीच तीन किस्तों में औद्योगिक और वाणिज्यिक बैंक ऑफ चाइना (आईसीबीसी) का 1.3 अरब डॉलर का ऋण अदा कर चुका है। इसलिए आईसीबीसी पाकिस्तान अगले कुछ दिनों में पाकिस्तान को नया ऋण (चीनी मुद्रा में) देगा।
बता दें कि आईसीबीसी ने दो साल पहले फ्लोटिंग ब्याज दरों पर ऋण दिया था, जो लगभग 7.5 प्रतिशत था। बता दें कि आईएमएफ की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2024 तक पाकिस्तान का कुल विदेशी वाणिज्यिक ऋण 6.2 अरब डॉलर है। इसमें 5.4 अरब डॉलर का चीनी वाणिज्यिक ऋण भी शामिल है। इस वित्तीय वर्ष में डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये में कुछ गिरावट आई है। मंगलवार को एक डॉलर की कीमत 282.2 पाकिस्तानी रुपये के बराबर थी।