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Child Investment Plan: बच्चों के नाम PPF खाता खोलने का क्या फायदा? निवेश के समय इन नियमों का ध्यान रखना जरूरी

Mon, 25 May 2026 05:02 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पीपीएफ एक भरोसेमंद निवेश विकल्प माना जा रहा है। नाबालिग बच्चे के नाम पर पीपीएफ खाता खोलकर लंबे समय में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। इसमें सरकारी गारंटी, चक्रवृद्धि ब्याज और टैक्स छूट का फायदा मिलता है। हालांकि निवेश करते समय 1.5 लाख रुपये की संयुक्त सीमा और अन्य नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
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छोटी बचत से तैयार हो सकता है बड़ा फंड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो। चाहे बात पढ़ाई की हो, विदेश में हायर एजुकेशन की या फिर शादी जैसे बड़े खर्चों की, हर परिवार समय रहते मजबूत आर्थिक तैयारी करना चाहता है। ऐसे में पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प माना जा रहा है। खास बात यह है कि पीपीएफ खाता सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि नाबालिग बच्चों के नाम पर भी खुलवाया जा सकता है। लंबे समय तक निवेश और सरकारी गारंटी की वजह से यह योजना बच्चों के भविष्य के लिए मजबूत फंड तैयार करने में मददगार साबित हो सकती है।
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बच्चों के नाम पीपीएफ खाता खोलने का क्या फायदा है?
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर बच्चे की छोटी उम्र में पीपीएफ खाता खुलवाया जाए तो लंबे समय में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। इस योजना में 15 साल का लॉक-इन होता है। उदाहरण के तौर पर अगर 3 साल की उम्र में बच्चे का खाता खोला जाता है तो उसके 18 साल का होने तक अच्छा-खासा पैसा जमा हो सकता है। पीपीएफ में चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है, जिससे छोटी बचत भी समय के साथ बड़ी रकम में बदल जाती है। इसके अलावा यह निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें सरकारी गारंटी होती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता।

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पीपीएफ में टैक्स छूट का क्या लाभ मिलता है?
पीपीएफ को टैक्स बचत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें जमा की गई रकम पर आयकर की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा खाते में मिलने वाला ब्याज भी टैक्स फ्री होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि 15 साल बाद मिलने वाली मैच्योरिटी राशि पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। इसी वजह से इसे ट्रिपल टैक्स बेनिफिट वाली योजना कहा जाता है। ऐसे में यह योजना बच्चों के भविष्य के लिए सुरक्षित और टैक्स बचाने वाला मजबूत विकल्प बनती जा रही है।

पीपीएफ खाते में निवेश करते समय किन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है?
पीपीएफ खाते में निवेश को लेकर कुछ अहम नियम भी हैं। सबसे जरूरी नियम 1.5 लाख रुपये की संयुक्त सीमा का है। एक वित्त वर्ष में माता-पिता अपने और बच्चे के खाते को मिलाकर कुल 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं कर सकते। अगर इस सीमा से ज्यादा पैसा जमा किया जाता है तो अतिरिक्त रकम पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। इसके अलावा एक बच्चे के नाम पर सिर्फ एक ही पीपीएफ खाता खोला जा सकता है। माता या पिता में से कोई एक ही बच्चे का अभिभावक बन सकता है। दादा-दादी या नाना-नानी तभी खाता खोल सकते हैं, जब वे कानूनी अभिभावक हों।

बच्चे के नाम पीपीएफ खाता कैसे खोला जा सकता है?
पीपीएफ खाता किसी भी अधिकृत सरकारी या निजी बैंक और डाकघर में खुलवाया जा सकता है। इसके लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, माता या पिता का पैन कार्ड, पहचान पत्र, पते का प्रमाण और दोनों की पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होती है। खाता खोलने के लिए कम से कम 500 रुपये जमा करना जरूरी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चा बालिग होने तक अभिभावक ही खाते का संचालन करता है।

बच्चा 18 साल का होने के बाद क्या होगा?
जब बच्चा 18 साल का हो जाता है तो खाते की जिम्मेदारी उसके नाम कर दी जाती है। इसके लिए बैंक या डाकघर में नए केवाईसी दस्तावेज और बच्चे के ताजा हस्ताक्षर जमा करने होते हैं। इसके बाद वह खुद खाते का संचालन कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सही निवेश शुरू करने से बच्चों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
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निवेश से पहले क्या सावधानी जरूरी है?
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले नियमों और शर्तों को ठीक से समझना जरूरी है। पीपीएफ सुरक्षित योजना मानी जाती है, लेकिन निवेश का फैसला अपनी जरूरत और वित्तीय स्थिति को देखकर ही लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की राय लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
 
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