ग्राहकों को यह होगा फायदा
- पैसा कुछ घंटे में खाते में आ जाएगा। कारोबार करने में आसानी होगी। पूरे देश में एक समान क्लियरिंग रफ्तार। चेक की स्थिति को ट्रैक करना आसान।
पहले एक हफ्ते लगता था समय
- 1980 से पहले चेक क्लियर होने में एक हफ्ते का समय लगता था।
- 1980 के दशक में एमआईसीआर तकनीक से एक से तीन दिन में क्लियरिंग शुरू हुई।
- 2008 में सीटीएस से समय घटकर एक दिन हुआ
- 2025 में कुछ घंटों में चेक क्लियरिंग शुरू
पहला चरण (4 अक्तूबर, 2025 से 2 जनवरी 2026 तक )
दूसरा चरण (3 जनवरी 2025 से)
भुगतान करने वाले बैंक को पहले चरण में शाम 7 बजे तक जवाब देना होगा। दूसरे चरण में तीन घंटे में जवाब देना होगा। जवाब नहीं मिला तो चेक खुद स्वीकृत मान लिया जाएगा।