एन चंद्रशेखरन को टाटा संस से कितनी सैलरी और कमीशन मिलता था?
इस्तीफे की खबरों के बीच चंद्रशेखरन की सालाना कमाई और पैकेज को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं:
- सालाना कमाई: टाटा संस की ताजा एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में उन्हें कुल ₹158.66 करोड़ का रिम्यूनरेशन मिला था। इससे पिछले वर्ष यानी FY25 में यह राशि ₹155.81 करोड़ थी।
- कमाई का गणित: चंद्रशेखरन की कमाई का बड़ा हिस्सा सैलरी नहीं, बल्कि प्रॉफिट-लिंक्ड कमीशन था। FY26 में उन्हें ₹17.97 करोड़ सैलरी व बेनिफिट्स के रूप में मिले, जबकि ₹140.69 करोड़ केवल प्रॉफिट-लिंक्ड कमीशन के तौर पर दिए गए। पिछले 5 वर्षों में वे टाटा संस से करीब ₹685 करोड़ की कमाई कर चुके हैं।
चंद्रशेखरन की कुल नेट वर्थ कितनी है और मुंबई में उनका घर कहां है?
टाटा संस के इस दिग्गज कमाऊ विदा होने वाले चेयरमैन की निजी संपत्ति भी बेहद शानदार है:
- नेट वर्थ का अनुमान: अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर एन चंद्रशेखरन की कुल नेट वर्थ करीब100 मिलियन डॉलर से 150 मिलियन डॉलर (यानी लगभग ₹950 करोड़ से ₹1,400 करोड़) आंकी गई है।
- 98 करोड़ रुपये का आशियाना: मुंबई में उनका एक आलीशान डुप्लेक्स घर है, जिसकी कीमत करीब 98 करोड़ रुपये है। यह शानदार डुप्लेक्स घर देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी के विख्यात घर 'एंटीलिया' के बेहद करीब स्थित है।
एक साधारण कर्मचारी से टाटा संस के शिखर तक कैसे पहुंचे एन चंद्रशेखरन?
चंद्रशेखरन की टाटा ग्रुप के साथ यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है:
- टीसीएस से शुरुआत: उन्होंने साल 1987 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) जॉइन की थी। अपनी काबिलियत के दम पर वे तेजी से आगे बढ़े और साल 2009 में टीसीएस के सबसे युवा सीईओ बने।
- रतन टाटा के बाद कमान: साल 2016 में वे टाटा संस के बोर्ड में आए और जनवरी 2017 में दिवंगत रतन टाटा के बाद वे टाटा संस के चेयरमैन नियुक्त किए गए।
- ग्रुप का कायाकल्प: उनके नौ साल के ऐतिहासिक नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने पारंपरिक कारोबार से इतर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस बैटरी, डिजिटल बिजनेस और एविएशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में तेजी से कदम बढ़ाए। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि एयर इंडिया का सफल अधिग्रहण माना जाता है।