भारत सरकार ने गुरुवार को कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर यानी विंडफॉल टैक्स को 6,300 रुपये प्रति टन से घटाकर 5,000 रुपये प्रति टन कर दिया है। हर पखवाड़े बीते दो हफ्तों में तेल की औसत कीमतों के आधार पर कर दरों की समीक्षा की जाती है। केंद्र ने 16 नवंबर को कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को 9800 रुपये प्रति टन से घटाकर 6300 रुपये प्रति टन कर दिया था।
क्या है विंडफॉल टैक्स?
सरकार की ओर से अप्रत्याशित और औसत से ज्यादा लाभ कमाने वाली कंपनियों पर लगाए गए टैक्स को विंडफॉल टैक्स कहा जाता है। जब सरकार किसी उद्योग के राजस्व में अचानक वृद्धि देखती है, तो वह विंडफॉल टैक्स लगाने का फैसला लेती है। यह टैक्स लगाकर सरकार प्रॉफिट का कुछ हिस्सा अपने पास रखती है। विंडफॉल टैक्स अस्थाई होता है। विंडफॉल टैक्स की समीक्षा हर 15 दिन में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की ओर से की जाती है। ये टैक्स आम तौर पर लंबे समय से स्थापित बिजनेस पर लगाया जाता है जो किसी बाहरी कारण की वजह से मोटा मुनाफा बनाते हैं। आसान शब्दों में कहें तो प्रॉफिट विंडफॉल है। इसलिए अप्रत्याशित लाभ पर अप्रत्याशित कर लगाता जाता है।