केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के तहत लाभों से संबंधित नियम अधिसूचित कर दिए हैं। कार्मिक मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बयान जारी कर यह जानकारी दी। केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत यूपीएस का कार्यान्वयन) नियम, 2025 में इस पेंशन योजना के तहत नामांकन और सेवानिवृत्ति की तिथि से एक वर्ष पहले या वीआरएस से तीन महीने पहले यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने की सुविधा सहित अन्य लाभों को शामिल किया गया है।
क्या है प्रावधान
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन नियमों के तहत-
- कर्मचारियों को एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने की सुविधा दी जाएगी। यह विकल्प रिटायरमेंट से एक साल पहले या वीआरएस से तीन महीने पहले तक लिया जा सकेगा।
- कर्मचारी और सरकार दोनों के योगदान, पंजीकरण में देरी होने पर मिलने वाले मुआवजे, और सेवा के दौरान मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में लाभ का प्रावधान किया गया है।
- रिटायरमेंट के विभिन्न कारणों जैसे सुपरऐन्युएशन, समयपूर्व या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, असमर्थता, इस्तीफा या जबरन सेवानिवृत्ति में मिलने वाले लाभ भी स्पष्ट किए गए हैं।
20 साल सेवा पर रिटायरमेंट
सबसे अहम यह है कि अब कर्मचारियों को 25 साल की जगह 20 साल की नियमित सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्ति का लाभ मिलेगा। इसे कर्मचारियों के हित में बड़ा और एतिहासिक कदम बताया जा रहा है।
अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने अधिसूचना का स्वागत किया और कहा कि 25 वर्षों के स्थान पर 20 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्ति का प्रावधान निस्संदेह कर्मचारी कल्याण में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा, नई योजना के लागू होने के बाद से यूपीएस में यह एक बहुत जरूरी संशोधन था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल 24 अगस्त को यूपीएस शुरू करने को मंजूरी दी थी। वित्तीय सेवा विभाग ने इस साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत एक विकल्प/योजना के रूप में यूपीएस को अधिसूचित किया था। यूपीएस के लागू होने की प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2025 है।