केंद्र सरकार ने कुछ श्रेणियों के कागज और पेपरबोर्ड की आयात नीति में संशोधन किया है। इसके तहत वर्जिन मल्टी-लेयर पेपर बोर्ड (वीपीबी) पर न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) लागू कर दिया गया है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा 22 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार, HS कोड 48059100, 48059200, 48059300, 48109200 और 48109900 के तहत आने वाले VPB के आयात पर अब प्रति मीट्रिक टन ₹67,220 का न्यूनतम आयात मूल्य लागू होगा। यह मूल्य लागत, बीमा और भाड़ा (CIF) आधार पर निर्धारित किया गया है। डीजीएफटी ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।
भारतीय कागज निर्माता संघ ने घरेलू उद्योग ने व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) को इंडोशियन में उत्पन्न या वहां से निर्यात किए जाने वीपीबी के आयात के संबंध में एंटी डंपिंग जांच शुरू करने के लिए आवेदन किया था। एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि इंडोनेशिया से डंप किए गए आयात के कारण घरेलू उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने उत्पाद के आयात पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने का भी अनुरोध किया था।
वर्जिन मल्टी-लेयर पेपर बोर्ड का उपयोग फार्मास्यूटिकल्स, एफएमसीजी उत्पादों, खाद्य और पेय पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक्स, उच्च श्रेणी के सौंदर्य प्रसाधनों और शराब की पैकेजिंग, तथा पुस्तक कवर, प्रकाशन आदि में किया जाता है।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने प्राकृतिक शहद के निर्यात के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) में संशोधन किया है। डीजीएफटी की अधिसूचना में, एचएस कोड 04090000 के तहत प्राकृतिक शहद के लिए एमईपी को 2,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से घटाकर 1,400 डॉलर प्रति मीट्रिक टन (फ्री ऑन बोर्ड) कर दिया गया है। यह संशोधित शर्त 31 दिसंबर, 2025 तक प्रभावी रहेगी।
भारत दुनिया के प्रमुख शहद निर्यातक देशों में से एक है। कृषि मंत्रालय के एक पुराने बयान के अनुसार, भारतीय शहद के प्रमुख बाजार अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, कनाडा आदि हैं। सरसों शहद, नीलगिरी शहद, लीची शहद, सूरजमुखी शहद, पोंगामिया शहद, बहु-वनस्पति हिमालयन शहद, बबूल शहद और जंगली वनस्पति शहद भारत से निर्यात किए जाने वाले शहद की कुछ महत्वपूर्ण किस्में हैं।