भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की निगरानी के लिए एक अलग निकाय बनाने पर फिलहाल विचार नहीं कर रही।
एआई से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करने के लिए स्थापित होगा एआई सुरक्षा संस्थान
खबर है कि इसके बजाय, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जुड़े दिशा-निर्देश और रूपरेखा एक एआई सुरक्षा संस्थान तैयार करेगी, जिसकी स्थापना जल्द की जाएगी। एक मीडिया रिपोर्ट्स में सरकार के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यह संस्थान, कंपनियों को स्वैच्छिक दिशा-निर्देश जारी करने की मौजूदा प्रथा के साथ मिलकर, एकआई के नियमन की संरचना तैयार करेगा। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि संस्थान की स्थापना पर काम चल रहा है और इसके अधिकतर काम अनुसंधान क्षेत्र से जुड़े होंगे।
अधिकारी का दावा- सरकार एआई से जुड़े खतरों के प्रति सजग
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि सरकार को एआई से जुड़े खतरों का ज्ञान है, लेकिन उसका इरादा विनियमन और नवाचार के बीच संतुलन बनाए रखना है। सरकार यह कदम साइबर सुरक्षा, सुरक्षा और कानूनी व नैतिक मुद्दों पर एक प्रमुख समिति की ओर से दी गई सिफारिशों के बाद उठा रही है।
यह समिति 2018 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी पहल को बढ़ावा देने और नीतिगत ढांचा विकसित करने के लिए मंत्रालय की ओर से गठित चार समितियों में से एक है। समिति ने अपने सुझाव में लिखा था एआई का क्षेत्र काफी व्यापक है इसलिए इसके नियमन के लिए महज एक नियामक बनाने की तुलना में मौजूदा क्षेत्र-विशिष्ट संस्थाओं के माध्यम से निगरानी प्रदान करना बेहतर होगा।