केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग (7वें सीपीसी) के तहत केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए घोषित महंगाई राहत (डीआर) वृद्धि के संबंध में एक स्पष्टीकरण जारी किया है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारियों के मूल पेंशन पर महंगाई राहत देय है। विभाग ने इस संबंध में कार्यालय ज्ञापन भी जारी किया है।
केंद्र सरकार की ओर से ज्ञापन जारी होने के बाद पेंशनर्स को मन में उठ रहे सवालों का जवाब उन्हें मिल गया है। केंद्र सरकार की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण में यह साफ कर दिया गया है कि पेंशनर्स को मिलने वाला डीआर बैनेफिट कम्यूटेशन से पहले की मूल पेंशन पर देय मानी गई है।
क्या है पेंशनर्स के लिए नियम?
सीसीएस (पेंशन) नियम 2021 के नियम 52 के अनुसार महंगाई के हिसाब से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशन लाभार्थियों को डीआर राहत प्रदान की जाती है। नियम 41 के तहत अनुकंपा भत्ता प्राप्त करने वालों को भी लाभ दिया जाता है। महंगाई राहत और महंगाई भत्ता दोनों लाभ अर्ध-वार्षिक रूप से देय हैं और एक साथ बढ़ाए जाते हैं। बता दें कि डीए वर्तमान केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जाता है जबकि डीआर पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन लाभार्थियों को दिया जाता है।
7वें वेतन आयोग (7वें सीपीसी) के अनुसार, केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए वर्तमान डीआर दर 38% है, जिसकी गणना कम्यूटेशन से पहले मूल पेंशन पर की जाती है न कि कम्यूटेशन के बाद घटी हुई पेंशन पर। केंद्र सरकार की ओर से DA और DR में 4% की बढ़ोतरी की घोषणा के बाद 31 जुलाई 2022 से 38% DR दर लागू की गई थी।