फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपभोक्ता संरक्षण: ई-स्कूटर कंपनियों के खिलाफ मिलीं 12000 शिकायतें, सर्विस को लेकर असंतोष; सरकार करेगी जांच

Thu, 31 Oct 2024 04:53 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ मिलीं ज्यादातर शिकायतें बिक्री के बाद सेवा में खामियों को लेकर हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) जिन कंपनियों की जांच करने की तैयारी कर रहा है, उनमें ओला इलेक्ट्रिक, बजाज, टीवीएस मोटर और एथर एनर्जी सहित अन्य शामिल हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनियों की बिक्री के बाद सेवा में शिकायतों को लेकर केंद्र सरकार सख्त हो गई है। इन कंपनियों के खिलाफ कुल 12,000 शिकायतें मिली हैं। सरकार इनकी जांच करने की तैयारी कर रही है। ज्यादातर शिकायतें बिक्री के बाद सेवा में खामियों को लेकर है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) जिन कंपनियों की जांच करने की तैयारी कर रहा है, उनमें ओला इलेक्ट्रिक, बजाज, टीवीएस मोटर और एथर एनर्जी सहित अन्य शामिल हैं।

विज्ञापन


बता दें कि सीसीपीए उपभोक्ताओं के अधिकारों के उल्लंघन, अनुचित व्यापार प्रथाओं और झूठे या भ्रामक विज्ञापनों से संबंधित मामलों को नियंत्रित करता है। सीसीपीए का गठन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत किया गया था। 

ओला के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें
सबसे पहले ओला के खिलाफ कुल 10,600 शिकायतें मिली थीं। इसके बाद अन्य कंपनियों के खिलाफ भी ग्राहकों ने शिकायत की हैं। हालांकि, ओला ने हाल ही में दावा किया कि उसने ग्राहकों की सारी शिकायतों का निपटान कर दिया है। 
विज्ञापन


ओला इलेक्ट्रिक के मामले में अभी चल रही है जांच
ओला इलेक्ट्रिक को हाल ही में ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) की पूछताछ का भी सामना करना पड़ा है। एआरएआई जांच कर रही है कि क्या कंपनी सरकारी सब्सिडी के जरिये स्थापित वारंटी और मूल्य निर्धारण जरूरतों का अनुपालन करती है।

रिफंड की नीतियों में बदलाव पर जोर, कंपनियों की बढ़ेगी मुश्किल
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार के जांच का दायरा बढ़ाने से बाकी ई-स्कूटर कंपनियों की भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पिछले हफ्ते उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने ओला की रिफंड नीति पर सवाल उठाया था। उन्होंने ओला को आदेश दिया था कि ग्राहक जिस तरह से रिफंड चाहेगा, उसी तरह से कंपनी को इसका भुगतान करना होगा। कंपनी अभी तक रिफंड के बदले में ग्राहकों को कूपन देती थी, जिसका इस्तेमाल अगली बुकिंग के लिए किया जा सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें