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Economic Survey: भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतरी के लिए तैयार, CEA बोले- FY23 में नियंत्रण में रहेगी महंगाई

Tue, 31 Jan 2023 05:09 PM IST
शिव शरण शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आरबीआई की खुदरा महंगाई 6.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान न तो निजी खपत को रोकने के लिए बहुत अधिक है और न ही इतना कम है कि निवेश के लिए प्रलोभन को कमजोर कर सके। 
 
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वी अनंत नागेश्वरन। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इसमें विकास दर कम रहने का अनुमान जताया गया है, लेकिन इसके बावजूद भारत विश्व में सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं वाले प्रमुख देशों में शामिल रहेगा। आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किए जाने के बाद  मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर करने के लिए तैयार है औ शेष दशक में इसके 6.5-7 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि बहुत हद तक महंगाई 2023-24 के दौरान चुनौतियों के बावजूद नियंत्रण में रहेगी।

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 आज पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आरबीआई की खुदरा महंगाई 6.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान न तो निजी खपत को रोकने के लिए बहुत अधिक है और न ही इतना कम है कि निवेश के लिए प्रलोभन को कमजोर कर सके। 

आज पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर अगले वित्त वर्ष यानी 2023-24 में 6.5% बनी रहेगी। हालांकि, यह मौजूदा वित्त वर्ष के 7% और पिछले वित्त वर्ष यानी 2021-22 के 8.7% के आंकड़े से कम है। इसके बावजूद भारत विश्व में सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं वाले प्रमुख देशों में शामिल रहेगा। इसमें दावा किया गया है कि ऐसा इसलिए हो सकेगा क्योंकि कोरोना के दौर के बाद दूसरे देशों की तुलना में भारतीय अर्थव्यवस्था की रिकवरी तेज रही है। घरेलू मांग और पूंजीगत निवेश में बढ़ोतरी की वजह से ऐसा हो पाया है।
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नागेश्वरन ने कहा कि जब तक तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहती हैं, अनुमानित विकास दर अपरिवर्तित रहेगी। उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2022 में सार्वजनिक व्यय की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और बजट घाटे की संख्या के साथ सरकार अधिक पारदर्शी हो गई है। साथ ही सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता बढ़ी है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2023 पर मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अर्थव्यवस्था की रिकवरी पूरी हो गई है; गैर-बैंकिंग और कॉर्पोरेट क्षेत्रों में अब बैलेंस शीट अच्छी स्थिति में हैं। हमें अब महामारी से उबरने की बात नहीं करनी है, हमें अगले चरण की ओर देखना है। उन्होंने बताया कि सरकार 6.4% राजकोषीय घाटे की दिशा में आगे बढ़ रही है। अप्रैल से नवंबर 2022 तक सकल कर राजस्व में 15.5% की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 23 की पहली 3 तिमाहियों में GST राजस्व के रूप में 13.40 लाख करोड़ रुपए एकत्र हुए है। वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2023 तक व्यवहार्यता अंतर वित्त पोषण योजना के तहत DEA द्वारा 2982.4 करोड़ रुपए वितरित किए गए। 

सीईए ने यह भी कहा कि सभी क्षेत्रों में ऋण वृद्धि बढ़ रही है। एमएसएमई सेक्टर में ऋण जनवरी 2022 से 30 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जबकि एनबीएफसी में एनपीए 15 महीने पहले की तुलना में कम है।

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