मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10.1% से थोड़ी कम रह सकती है, लेकिन वास्तविक जीडीपी 6.3%-6.8% के बीच रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही खरीफ फसल अच्छी रहने और जीएसटी दरों में कटौती से महंगाई घटेगी। पहली तिमाही में 8.8% नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ दर्ज हुई, जो अनुमान से बेहतर है।
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई कम रहने की उम्मीद के चलते बजट में अनुमानित 10.1% नॉमिनल जीडीपी वृद्धि से थोड़ी गिरावट हो सकती है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि वास्तविक जीडीपी का लक्ष्य 6.3% से 6.8% के बीच जरूर पूरा होगा। इस दौरान नॉमिनल जीडीपी और वास्तविक जीडीपी में अंतर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नॉमिनल जीडीपी में महंगाई का प्रभाव शामिल होता है, जिससे कीमतें बढ़ने पर जीडीपी अधिक दिखाई देती है। वहीं, वास्तविक जीडीपी महंगाई को समायोजित करके तैयार की जाती है, जिससे अर्थव्यवस्था की असल स्थिति सामने आती है।
देश में महंगाई कम होने की संभाना
कैसे मिलेगी आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार?
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अमेरिकी टैरिफ को लेकर क्या बोले नागेश्वरन?
हालांकि, दूसरी ओर उन्होंने इस बात को लेकर भी चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% तक का टैरिफ लगाने से दूसरी तिमाही में कुछ दबाव आ सकता है। अमेरिका ने यह कदम भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने और कुछ पुराने व्यापार अवरोधों को न हटाने के चलते उठाया है।