अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के पहले मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वर ने कहा, भारत के लिए यूनिवर्सल सामाजिक सुरक्षा योजना की जरूरत नहीं है। इसकी जगह आर्थिक विकास के जरिये रोजगार सृजन व लोगों की आय बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए।
यूपी सही दिशा में
10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की तरफ उत्तर प्रदेश सही दिशा में जा रहा है क्योंकि किसी भी राज्य की तरक्की के संकेत वहां के बुनियादी ढांचे, निवेश, नई इकाइयां, स्टार्टअप और नए शिक्षण संस्थान होते हैं। यूपी में ये सब हो रहा है।
लंबी अवधि में तेज रहेगी जीडीपी की वृद्धि दर
सीईए ने कहा, पिछले 30 साल में अर्थव्यवस्था जब भी 3-4 वर्षों के लिए बहुत मजबूती से बढ़ी, इसे बढ़ी महंगाई, आयात में वृद्धि और महंगी मुद्रा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन, पिछले आठ वर्षों की मजबूत सरकारी नीतियों से जीडीपी के लिए लंबे समय तक तेज विकास करना संभव है। यह सिर्फ तीन या पांच या सात साल के लिए नहीं होगी, बल्कि चीन की तरह 10 या 15 वर्ष के लिए होगी।
जीडीपी को शहरी मांग से अच्छा समर्थन पर ग्रामीण चिंता का विषय : एसबीआई
एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया है। साथ ही कहा, घरेलू अर्थव्यवस्था की वृद्धि को शहरी मांग से अच्छा समर्थन मिल रहा है, लेकिन ग्रामीण मांग अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
खुदरा महंगाई दर : गिरावट के संकेत
एसबीआई का दावा है कि 2023-24 में खुदरा महंगाई 5.1 फीसदी रह सकती है। यह आरबीआई के तय स्तर 4 फीसदी से अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा महंगाई दर में गिरावट के साथ अगले वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति में नरमी की उम्मीद स्पष्ट संकेत देती है कि कई चरणों में ब्याज दरों में वृद्धि की मदद से आरबीआई कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने में सक्षम होगा।
देश का पेट भर रहा है उत्तर प्रदेश
सीआईआई के कार्यक्रम में यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा, अर्थव्यवस्था को चार गुना करने का लक्ष्य बड़ा है, लेकिन हम इसे संभव बनाएंगे। उन्होंने कहा, इन्वेस्टर समिट के हर जिले में टास्क फोर्स बनाया गया है। देश की पहली रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम की शुरुआत जून में मेरठ से हो जाएगी। राज्य सरकार फूड बाउल के रूप में अपनी स्थिति का लाभ उठाएगी।