आयकर विभाग ने बताया कि उसने एक अप्रैल 2021 से 10 मई 2021 तक 13 लाख से अधिक करदाताओं को 17,061 करोड़ रुपये से अधिक वापस किए हैं। 12,71,401 करदाताओं को 5,575 करोड़ रुपये लौटाए गए। कंपनी कर मद में 29,592 मामलों में 11,486 करोड़ रुपये करदाताओं को लौटाए गए।
कोरोना काल में करदाताओं के लिए ये बड़ी राहत की बात है। मालूम हो कि आयकर विभाग ने कहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आत्मनिर्भर भारत योजना की घोषणा किए जाने के बाद से रिफंड वापसी की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
किसी को भी आयकर विभाग को रिफंड के लिए रिक्वेस्ट नहीं करनी पड़ी। सीबीडीटी ने कहा कि सभी टैक्सपेयर्स तुरंत ही ईमेल का जवाब दें, ताकि जिनको रिफंड नहीं मिल सका है, उन्हें भी इसका लाभ मिल जाए। प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन की गई।
करदाता अपने आयकर रिफंड की मौजूदा स्थिति जानने के लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट पर जा सकते हैं। हालांकि, रिफंड के लिए आपका खाता पैन से जुड़ा होना जरूरी है। आयकर विभाग ने घोषणा की थी कि एक मार्च 2019 से केवल ई-रिफंड ही जारी किया जाएगा। यह केवल उसी बैंक खाते में जमा होगा जो पैन कार्ड से लिंक है और जिसका विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर पूर्व सत्यापन हो चुका है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में 75 साल से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों को आयकर रिटर्न भरने से छूट का एलान किया था। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा था कि हम 75 साल या उससे कम उम्र वाले बुजुर्गों पर कानूनी पचड़ों का बोझ कम करने जा रहे हैं। हम ऐसे वरिष्ठ नागरिकों जिन्हें सिर्फ पेंशन और ब्याज से आय होती है, आयकर भरने से छूट देंगे।