CBDT: सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) ने फॉरेन टैक्स क्रेडिट (FTC) का दावा करने वाले करदाताओं को राहत देने के लिए आयकर विभाग ने नियमों में संशोधन किया है, हालांकि आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक विदेशी संपत्ति और उससे होने वाली आय के बारे में बताना पहले की तरह ही जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।
सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) ने फॉरेन टैक्स क्रेडिट (FTC) का दावा करने वाले करदाताओं को राहत देने के लिए आयकर विभाग ने नियमों में संशोधन किया है। संशोधन से पूर्व आयकर नियम के तहत आयकर रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तारीख तक एफटीसी दावा दाखिल करना जरूरी था। संशोधन के बाद यह सुविधा पूरे चालू वित्तीय वर्ष के दौरान दायर दावों के लिए उपलब्ध रहेगी।
CBDT amends Income-tax rule providing relief to taxpayers claiming Foreign Tax Credit (FTC). Pre-amended rule required FTC claim to be filed by due date of furnishing Income Tax Return. Amendment operates so this benefit is available to claims filed during current financial year pic.twitter.com/jmyNOp3uF8
आईटीआर में विदेशी संपत्ति और आय की घोषणा के लिए ये हैं नियम
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बता दें आईटीआर फाइलिंग के दौरान करदाताओं को यह ध्यान रखना होता है कि वे अपनी विदेशी संपत्ति और उससे हुई आय के बारे में अपनी विवरणी में स्पष्ट तरीके से जानकारी दें। आयकर विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अनुसूची एफए के तहत विदेशी खातों, विदेशी कंपनियों में अपने शेयर और विदेशी फंडों की म्यूचुअल फंड इकाइयों और अचल संपत्ति के बारे में अपने रिटर्न में हर हाल में घोषणा करनी होगी।
आईटीआर में फॉरेन असेट के बारे में नहीं बताने पर लगता है बड़ा जुर्माना
विदेशी संपत्ति के बारे में आईटीआर में घोषणा नहीं करने पर आयकर विभाग की ओर से करदाता पर काला धन अधिनियम के तहत दास लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही करदाता पर अघोषित आय और संपत्ति पर 30 प्रतिशत की दर से कर और कुल देनदारी का तीन गुना तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस लिए इस तरह की परेशानी से बचने के लिए यह जरूरी है अपने आईटीआर में विदेशी संपत्ति और उससे होने वाली आय के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।