भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मामूली रूप से कम होकर 11.2 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.2 प्रतिशत रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 20 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 8.478 अरब डॉलर घटकर 644.391 अरब डॉलर रह गया। आरबीआई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पिछले समीक्षाधीन सप्ताह में भंडार 1.988 अरब डॉलर घटकर 652.869 अरब डॉलर पर आ गया था।
पिछले कुछ हफ़्तों से विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आ रही है और इस गिरावट का कारण रुपये में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए आरबीआई की ओर से विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के साथ-साथ पुनर्मूल्यांकन को माना जा रहा है। सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 704.885 बिलियन अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 20 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा आस्तियां 6.014 अरब डॉलर घटकर 556.562 अरब डॉलर रह गईं। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों पर डॉलर की तुलना में मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास के प्रभाव की गणना की जाती है। आरबीआई ने कहा कि सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार 2.33 अरब डॉलर घटकर 65.726 अरब डॉलर रह गया।
शीर्ष बैंक ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 112 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 17.885 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 23 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 4.217 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गई।