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RBI: चालू खाता घाटा दूसरी तिमाही में कम हुआ; विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट, आरबीआई ने जारी किए आंकड़े

Fri, 27 Dec 2024 06:51 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Reserve Bank of India: भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मामूली रूप से कम होकर 11.2 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.2 प्रतिशत रह गया। हालांकि, दूसरी ओर विदेशी मुद्रा भंडार में भी गिरावट दर्ज की गई है। आइए जानते हैं भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़े इस बारे में क्या कहते हैं।
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विदेशी मुद्रा भंडार - फोटो : Agency
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विस्तार
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भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मामूली रूप से कम होकर 11.2 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.2 प्रतिशत रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए। 

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देश का चालू खाता घाटा विदेशी व्यापार में निर्यात और आयात के बीच का होता है। इसमें विदेशी व्यापार, विदेशी निवेश, और अन्य विदेशी लेन-देन शामिल होते हैं। 2023-24 की दूसरी तिमाही के दौरान यह 11.3 अरब अमेरिकी डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.3 प्रतिशत था।

आरबीआई ने कहा, "भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) 2024-25 की दूसरी तिमाही में मामूली रूप से घटकर 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.2 प्रतिशत) हो गया, जो 2023-24 की दूसरी तिमाही में 11.3 अरब अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) था।"
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अप्रैल-सितंबर 2024 (वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली छमाही) के दौरान, चालू खाता घाटा 21.4 बिलियन अमरीकी डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.2 प्रतिशत था, जबकि एक वर्ष पहले की अवधि में यह 20.2 बिलियन अमरीकी डॉलर (जीडीपी का 1.2 प्रतिशत) था।

भुगतान संतुलन पर आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, व्यापारिक घाटा 2024-25 की दूसरी तिमाही में बढ़कर 75.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 2023-24 में इस अवधि में 64.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

सेवा क्षेत्र की शुद्ध प्राप्तियां 2024-25 की दूसरी तिमाही में बढ़कर 44.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गईं, जो एक वर्ष पहले 39.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी। कंप्यूटर सेवाओं, व्यवसाय सेवाओं, यात्रा सेवाओं और परिवहन सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवा निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर वृद्धि हुई है।

इसके अलावा, निजी हस्तांतरण प्राप्तियां, जो मुख्य रूप से विदेशों में कार्यरत भारतीयों की ओर से भेजी गई धनराशि होती है, 2024-25 में जुलाई-सितंबर तिमाही में बढ़कर 31.9 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गई। यह 2023-24 की दूसरी तिमाही में 28.1 बिलियन अमरीकी डॉलर थी।

वित्तीय विवरण में, आरबीआई ने कहा कि शुद्ध विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की बात करें तो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 2.2 बिलियन अमरीकी डॉलर की निकासी की गई। जबकि 2023-24 की इसी अवधि में 0.8 बिलियन अमरीकी की निकासी की गई थी।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के तहत शुद्ध प्रवाह 2024-25 की दूसरी तिमाही में बढ़कर 19.9 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले 4.9 बिलियन अमरीकी डॉलर था। अप्रैल-सितंबर 2024 के दौरान, आरबीआई के आंकड़ों से पता चला है कि शुद्ध अदृश्य प्राप्तियां (NIP) 2024-25 की पहली छमाही में 119.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहीं, जो एक साल पहले 101 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी, जिसका मुख्य कारण उच्च शुद्ध सेवा प्राप्तियां थीं। इसके अलावा, 2024-25 की पहली छमाही में 4.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का शुद्ध एफडीआई प्रवाह, 2023-24 की पहली छमाही के 3.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक था।

एफपीआई ने 2024-25 की पहली छमाही में 20.8 बिलियन अमरीकी डॉलर का शुद्ध प्रवाह दर्ज किया गया, एक वर्ष पहले यह 20.7 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आरबीआई ने कहा कि 2024-25 की पहली छमाही में विदेशी मुद्रा भंडार (बीओपी आधार पर) में 23.8 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि होगी।

विदेशी मुद्रा भंडार 8.478 अरब डॉलर घटकर 644.391 अरब डॉलर हुआ

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 20 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 8.478 अरब डॉलर घटकर 644.391 अरब डॉलर रह गया। आरबीआई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पिछले समीक्षाधीन सप्ताह में भंडार 1.988 अरब डॉलर घटकर 652.869 अरब डॉलर पर आ गया था।

पिछले कुछ हफ़्तों से विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आ रही है और इस गिरावट का कारण रुपये में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए आरबीआई की ओर से विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के साथ-साथ पुनर्मूल्यांकन को माना जा रहा है। सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 704.885 बिलियन अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 20 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा आस्तियां 6.014 अरब डॉलर घटकर 556.562 अरब डॉलर रह गईं। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों पर डॉलर की तुलना में मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास के प्रभाव की गणना की जाती है। आरबीआई ने कहा कि सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार 2.33 अरब डॉलर घटकर 65.726 अरब डॉलर रह गया।

शीर्ष बैंक ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 112 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 17.885 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 23 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 4.217 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गई।

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