नए साल के पहले दिन मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दते हुए डीएपी पर सब्सिडी बढ़ाने का एलान किया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि डीएपी उर्वरक के लिए 3,850 करोड़ रुपये तक के एकमुश्त विशेष पैकेज को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इससे 50 किलोग्राम का डीएपी का बैग 1,350 रुपये में ही मिलता रहेगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नए साल का पहला फैसला करोड़ों किसान भाई-बहनों को समर्पित है।
पिछले साल केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से 31 दिसंबर, 2024 तक के लिए 3,500 रुपये प्रति टन के हिसाब से डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर 2,625 करोड़ रुपये का एकबारगी विशेष पैकेज देने की घोषणा की थी। यह पैकेज गैर-यूरिया पोषक तत्वों पर सरकार की तरफ से तय पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी (एनबीएस) के अतिरिक्त था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विशेष पैकेज को एक जनवरी, 2025 से अगले आदेश तक की अवधि के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें डीएपी पर 3,500 रुपये प्रति टन की दर से सब्सिडी देने का प्रावधान है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। डीएपी पर विशेष पैकेज पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी के अलावा दिया जाएगा ताकि किसानों को सस्ते दाम पर डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराई जा सके। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि किसानों को 1,350 रुपये प्रति बोरी की दर से डीएपी उर्वरक मिलती रहेगी और इस पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ केंद्र सरकार वहन करेगी।
उन्होंने कहा, ‘डीएपी के लिए 3,850 करोड़ रुपये तक के एकमुश्त विशेष पैकेज को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण डीएपी की वैश्विक बाजार कीमतें अस्थिर हैं। केंद्र सरकार उर्वरक निर्माताओं/ आयातकों के जरिये किसानों को सब्सिडी मूल्य पर 28 तरह के पीएंडके उर्वरक मुहैया कराती है। इन उर्वरकों पर सब्सिडी का निर्धारण एनबीएस योजना के तहत होता है जो एक अप्रैल, 2010 से प्रभावी है।
बीमा योजनाओं की बढ़ाई अवधि
पीएम फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को कैबिनेट ने 2025-26 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। 2021-22 से 2025-26 तक योजना पर 69,515.71 करोड़ का कुल व्यय होगा। कैबिनेट ने नवाचार और प्रौद्योगिकी के लिए फंड के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। 824.77 करोड़ प्रोफाइल फंड का उपयोग योजना के तहत तकनीकी पहलों के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। यह पैसा YES-TECH, WINDS, आदि के साथ-साथ रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दावा गणना और निपटान आसान होगा।
इंडोनेशिया को किया जाएगा 10 लाख टन गैर बासमती चावल निर्यात
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) के जरिये इंडोनेशिया को 10 लाख टन गैर बासमती चावल के निर्यात को भी मंजूरी दी है। यह निर्यात एनसीईएल, सहकारिता मंत्रालय और इंडोनेशियाई सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन के तहत किया जाएगा।