सरकार ने बुधवार को सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बनाने वाली कंपनियों के लिए 76,000 करोड़ की प्रोत्साहन योजना में बदलाव किया है। इसके तहत सभी श्रेणियों के कारखानों को परियोजना लागत की 50 फीसदी की एक समान वित्तीय मदद दी जाएगी। पहले अलग-अलग श्रेणियों के लिए 30-50% प्रोत्साहन देने का प्रावधान था।
आएगा दो लाख करोड़ का निवेश
चंद्रशेखर ने कहा, वैश्विक कंपनियां सेमीकंडक्टर के लिए व्यावहारिक निवेश गंतव्य के रूप में भारत के नाम पर विचार कर रही हैं। इन संशोधनों से इंटेल जैसी वैश्विक कंपनियों को भारत में विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए आकर्षित किया जा सकेगा। आयात निर्भरता कम होगी। दो साल में करीब दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। संभावित निवेशकों से चर्चा के आधार पर उम्मीद है कि जल्द ही पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र को स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा।
सौर पीवी मॉड्यूल : 19,500 करोड़ रुपये की पीएलआई
देश में उच्च दक्षता के सौर पीवी मॉड्यूल के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 19,500 करोड़ की पीएलआई योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र में करीब 94,000 करोड़ का निवेश आएगा। देश की सौर पीवी निर्माण क्षमता सालाना 65,000 मेगावाट बढ़ जाएगी। योजना 14 क्षेत्रों में लागू होगी। इसका लाभ पांच साल तक मिलेगा। ठाकुर ने कहा, भारत उत्पादन दक्षता हासिल कर मेक इन इंडिया की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसे देखते हुए नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।