स्वास्थ्य बीमा वित्तीय योजना बनाने के लिहाज से बहुत जरूरी है। यह अप्रत्याशित व गंभीर मेडिकल खर्चों से सुरक्षा देता है। हालांकि, स्वास्थ्य बीमा की बढ़ती लागत जरूरतमंद परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। ऐसे परिवारों की चिंता को दूर करने के लिए कई बीमा कंपनियां अब आसान ईएमआई पर प्रीमियम चुकाने का विकल्प दे रही हैं।
स्वास्थ्य बीमा में ईएमआई उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्हें पूरा प्रीमियम एडवांस में एक साथ चुकाने में कठिनाई हो सकती है। यह सुविधा पॉलिसीधारकों को एकमुश्त राशि चुकाने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में भुगतान का विकल्प देती है। इससे व्यक्तियों और परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा कवरेज का खर्च उठाना आसान हो जाता है।
प्रीमियम में 50% तक वृद्धि
स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम में पिछले एक साल में 50 फीसदी तक की वृद्धि देखी गई है। लोकल सर्किल्स के एक सर्वे के मुताबिक, 21 फीसदी लोगों का मानना है कि उनका स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम एक साल में 50 फीसदी बढ़ गया है। 31 फीसदी लोगों ने कहा, वे एक साल पहले की तुलना में 25-50 फीसदी अधिक प्रीमियम भर रहे हैं।
ईएमआई विकल्प चुनने के लाभ
छोटी किस्तों में प्रीमियम के भुगतान से पॉलिसीधारकों पर वित्तीय बोझ कम हो जाता है। यह उनके लिए फायदेमंद है, जिनकी खर्चयोग्य आय सीमित है।
उच्च कवरेज तक पहुंच
एमआई के जरिये पॉलिसीधारक उच्च कवरेज योजनाओं का विकल्प चुन सकते हैं। यह अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी व चिकित्सा खर्चों से बेहतर सुरक्षा देता है।
चूक के जोखिम से बचना
बढ़ती उम्र के साथ एकमुश्त प्रीमियम चुकाना मुश्किल हो सकता है। इससे पॉलिसी रिन्यू कराने में देरी या चूक हो सकती है। ईएमआई का विकल्प इस जोखिम से बचाता है।
जिनके पास बजट की कमी
सीमित आय या तंग बजट वाला व्यक्ति या परिवार एकमुश्त बड़ी रकम के भुगतान की जगह ईएमआई का विकल्प चुनकर स्वास्थ्य कवरेज जारी रख सकता है।
पहली बार पॉलिसी खरीदने वाले
पहली बार स्वास्थ्य बीमा खरीदने वाले लोग बड़े एडवांस भुगतान के बिना व्यापक कवरेज पा सकते हैं।
छोटे कारोबार के मालिक और फ्रीलांसर
ऐसे अनियमित आय वाले लोगों के लिए ईएमआई की सुविधा स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के प्रबंधन में मददगार साबित हो सकती है। यह सुुविधा बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ कवरेज बनाए रखने की अनुमति देती है।
नुकसान...भुगतान में चूक तो पॉलिसी रद्द
ईएमआई का विकल्प चुनने के बाद पॉलिसीधारक लंबे समय तक भुगतान के चक्र में फंस सकते हैं। अगर वित्तीय हालात बदलते हैं यानी कमाई घट जाती है और खर्चे बढ़ जाते हैं तो ईएमआई चुकाना कठिन हो जाता है। इससे पॉलिसी रद्द हो सकती है। ईएमआई विकल्प चुनने से पहले वित्तीय स्थितियों का आकलन करें। नियमों को जरूर पढ़ें।