मारुति ने नवरात्र के पहले तीन दिन में बेचीं 80,000 कारें
मारुति सुजुकी इंडिया ने जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत के साथ नवरात्र के पहले तीन दिन में 80,000 कारें बेची हैं। वहीं, हर दिन कंपनी को करीब 18,000 गाड़ियों की बुकिंग मिल रही है। मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (मार्केटिंग) पार्थो बनर्जी ने बताया कि कंपनी ने पहले दिन रिकॉर्ड 30,000 कारें बेची थीं। त्योहारी सीजन में छोटी कारों की मांग काफी बढ़ी है। एंट्री लेवल कारों की बुकिंग में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जबकि सभी मॉडलों की बुकिंग 35 फीसदी बढ़ी है। शीर्ष-100 शहरों के अलावा अन्य क्षेत्रों में बुकिंग 100 फीसदी तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा, कुछ मॉडल के लिए वेटिंग पीरियड है यानी ग्राहकों को कार घर ले जाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। नवरात्र में ग्राहक पूछताछ की संख्या भी प्रतिदिन 80,000 पहुंच गई है। यह सामान्य दिनों में होने वाली पूछताछ से करीब दोगुनी है।
डिजिटल भुगतान के लिए अब दो स्तर पर होगा सत्यापन
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए नियमों की घोषणा की है। द्विस्तरीय सत्यापन के लिए अब एसएमएस ओटीपी के अलावा अन्य विकल्प भी अपनाए जाएंगे। ये नियम एक अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। आरबीआई ने बृहस्पतिवार को कहा, भुगतान सत्यापन के विकल्पों में उपयोगकर्ता के पास मौजूद कोई वस्तु, कोई ज्ञात वस्तु या किसी पहचान को शामिल किया जा सकता है। इसमें मोबाइल पर ओटीपी के अलावा पासवर्ड, पिन, पासफ्रेज, कार्ड हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर टोकन, फिंगरप्रिंट या बायोमीट्रिक तरीके शामिल हो सकते हैं। एसएमएस ओटीपी भी पहले की तरह जारी रहेगा। आरबीआई ने डिजिटल भुगतान सत्यापन प्रणाली संबंधी निर्देश-2025 जारी किए हैं। इसमें द्विस्तरीय सत्यापन को अनिवार्य रखने के साथ वैकल्पिक प्रमाणीकरण की अनुमति भी है। कम-से-कम एक प्रमाणीकरण कारक हर लेनदेन के लिए विशिष्ट व नया होगा। इसके साथ ही, भारत ऐसे देशों में शामिल है, जो द्विस्तरीय सत्यापन पर जोर देता है।
देश से पेट्रोल-डीजल का निर्यात कई वर्षों के उच्च स्तर पर, इथेनॉल मिश्रण भी बढ़ा
देश से पेट्रोल और डीजल का निर्यात कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। दरअसल, रिफाइनरी कंपनियां कच्चे तेल की प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि कर रही हैं। घरेलू बाजार में इथेनॉल मिश्रण में वृद्धि हो रही है। इससे विदेशी बाजारों के लिए ईंधन की आपूर्ति बढ़ गई है। कारोबारियों के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरी एक तिहाई कच्चा तेल रूस से खरीदती हैं। वे लगातार उत्पादन बढ़ा रही हैं। इससे सरप्लस तेल विदेश में भेज रही हैं। निर्यात में वृद्धि से यूरोप की शीतकालीन तेल की मांग को पूरा करने और भारतीय रिफाइनिंग मार्जिन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के कारण यूरोप और अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद रिफाइनर सस्ते भाव पर रूस के कच्चे तेल को खरीदने में जुट गए। अमेरिका का आरोप है कि भारत कम कीमतों पर रूसी तेल आयात करके और रिफाइंड ईंधन को ऊंची दरों पर बेचकर मुनाफाखोरी कर रहा है। हालांकि, भारत ने कहा, उसकी खरीद से बाजार स्थिर हुए हैं। मैकेंजी के अनुसार, इस वर्ष भारत का क्रूड का प्रसंस्करण 130,000 से 160,000 बैरल प्रतिदिन बढ़कर लगभग 55 लाख बैरल प्रतिदिन होने की उम्मीद है। गैसोलीन का निर्यात लगभग चार लाख बैरल रोजाना के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच जाएगा। केप्लर का अनुमान है कि इस साल तक भारत का गैसोलीन निर्यात 3.87 लाख बैरल प्रतिदिन होगा।
सीकोस्ट शिपिंग और प्रमोटरों पर पांच साल का प्रतिबंध
सेबी ने सीकोस्ट शिपिंग सर्विसेज और उसके प्रमोटरों को प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही वित्तीय विवरणों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने व धन के दुरुपयोग के लिए लगभग 48 करोड़ के अवैध लाभ को वापस करने का आदेश दिया है। 187 पृष्ठों के आदेश में नियामक ने पाया कि वित्त वर्ष 2020-21 से 31 दिसंबर, 2023 के दौरान गलत वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए गए ।
गेल ने जमनगर-लोनी एलपीजी पाइपलाइन क्षमता दोगुनी करने की मंजूरी दी
देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने जमनगर-लोनी एलपीजी पाइपलाइन के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इससे इसकी प्रवाह 3.25 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़कर 6.5 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी। कंपनी के अनुसार, यह विस्तारित पाइपलाइन गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। गेल ने बताया कि यह परियोजना देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने और ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने में मदद करेगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹5,350 करोड़ है और इसमें 1,107 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम शामिल है। इससे मौजूदा प्रणाली की परिवहन क्षमता बढ़ेगी और एलपीजी की सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल डिलीवरी सुनिश्चित होगी, जिससे कई क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।