13 लोगों को बाजार में कारोबार करने पर लगा प्रतिबंध
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने तीन ट्रस्टों द्वारा किए गए फ्रंट रनिंग ट्रेडों का दोषी पाए जाने के बाद 13 व्यक्तियों को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी ने 2021 से 2022 तक भारत कनैयालाल शेठ परिवार, रवि कनैयालाल शेठ परिवार और अर्जुन विवेकाधीन ट्रस्ट के कथित ऑर्डर देने से संबंधित एक जांच की थी। इसमें दोषी पाए जाने पर सेबी ने अवैध लाभ कमाने के लिए 13 व्यक्तियों पर 500,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया है।
नियामक ने कहा कि यह पूरा प्रकरण सामान्य बाजार शक्तियों के संचालन में अनुचित हस्तक्षेप दर्शाता है। आदेश में कहा गया है कि मुख्य दावेदार ने एक मध्यस्थ कर्मचारी के माध्यम से गैर-सार्वजनिक जानकारी प्राप्त की और उसे संबंधित संस्थाओं के साथ साझा किया। फिर बड़े ग्राहक के आदेशों से पहले ही सौदे कर लिए। सेबी को ऐसे 424 सौदे मिले जिनसे 2 करोड़ से अधिक का अवैध लाभ हुआ। इससे पहले मुख्य दावेदार समेत छह आरोपियों ने दिसंबर, 2024 में समझौता राशि का भुगतान करके और छह महीने के बाजार प्रतिबंध को स्वीकार करके मामले का निपटारा कर लिया था।
आदित्य बिड़ला म्यूचुअल फंड को 241 करोड़ का लाभ
आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड को सितंबर तिमाही में 241 करोड़ का फायदा हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही में हुए 242.4 करोड़ रुपये के लाभ की तुलना में यह कम है। इस दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 9 फीसदी बढ़कर 461 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 424 करोड़ रुपये था। प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां सितंबर अंत तक 4.25 लाख करोड़ रुपये थीं, जो 11 फीसदी की वृद्धि है।
एसबीआई लाइफ का फायदा 6.6 फीसदी घटा
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का फायदा सितंबर तिमाही में 6.6 फीसदी घटकर 494.6 करोड़ रुपये रह गया है। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी को 529 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय 20,266 करोड़ रुपये से बढ़कर 24,848 करोड़ रुपये हो गई। एसबीआई लाइफ के एमडी और सीईओ अमित झिंगरन ने कहा, सरकार का जीएसटी सुधार, 2047 तक सभी के लिए बीमा कवरेज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बीमा की सामर्थ्य और पहुंच में सुधार होगा।
रियल एस्टेट ने जुटाए 1.15 अरब डॉलर
भारतीय रियल एस्टेट उद्योग ने पूंजी बाजार के माध्यम से 1.15 अरब डॉलर रकम जुटाया है। यह पिछली तिमाही की तुलना में दोगुना अधिक है। ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान तीन श्रेणियों विलय और अधिग्रहण, निजी इक्विटी (पीई) और पूंजी बाजार में 42 सौदे हुए। इनकी कुल राशि 2.85 अरब डॉलर थी। 84.3 करोड़ डॉलर मूल्य के 21 विलय एवं अधिग्रहण सौदे हुए। पिछली तिमाही में 19.5 करोड़ डॉलर मूल्य के छह सौदे हुए थे।
दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में पैठ बढ़ा रहे हैं भारतीय आलू
देश के प्रसंस्कृत आलू उत्पाद दक्षिण पूर्व एशियाई बाजारों में पैठ बढ़ा रहे हैं। इसका कारण उन देशों में स्नैक्स की बढ़ती मांग और गुजरात एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इस क्षेत्र के लिए तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास है। जीटीआरआई ने कहा, 2021-22 में आलू निर्यात 1.14 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 6.3 करोड़ डॉलर हो गया है। यह सबसे तेजी से बढ़ती प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात श्रेणी बन गई है। अन्य प्रसंस्कृत आलू उत्पादों के निर्यात में आटा, स्टार्च, चिप्स और खाने के लिए तैयार उत्पाद शामिल हैं।
कोल इंडिया की 12 परियोजनाओं में देरी
कोल इंडिया की शाखा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (एसईसीएल) की 12 कोयला खनन परियोजनाएं पर्यावरण मंजूरी और भूमि अधिग्रहण में देरी जैसे कारणों से निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं। कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से तीन खदानों की लागत 500 करोड़ और उससे अधिक है। पांच खदानों की लागत 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक लेकिन 500 करोड़ से कम है।
मारुति जिम्नी 5-डोर का निर्यात एक लाख पार
मारुति सुजुकी इंडिया की कॉम्पैक्ट एसयूवी जिम्नी 5-डोर ने एक लाख इकाई के निर्यात का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा, जिम्नी 5-डोर का निर्यात भारत में पेश होने के तुरंत बाद 2023 में शुरू हो गया था। इसका जापान, मेक्सिको और ऑस्ट्रेलिया सहित 100 से अधिक देशों में निर्यात किया जा रहा है। जापान मे इसे जिम्नी नोमेड के नाम से निर्यात किया जाता है।
कोलगेट 24 रुपये देगी लाभांश, फायदा घटा
कोलगेट पामोलिव को सितंबर तिमाही में 327.51 करोड़ का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही की तुलना में यह 17 फीसदी कम है। कंपनी ने कहा, जीएसटी से जुड़ी बाधाओं के कारण उच्च विकास आधार वाली तिमाही में यह गिरावट आई। कंपनी 17 रुपये के पहले अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। बिक्री 6.33 फीसदी घटकर 1,507 करोड़ रुपये रह गई।
एचयूएल 19 रुपये देगी लाभांश, लाभ 3.8% बढ़ा
हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. (एचयूएल) को सितंबर तिमाही में 2,694 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। यह सालाना आधार पर 3.8 फीसदी अधिक है। बिक्री 2.1 फीसदी बढ़ी है। कंपनी ने प्रति शेयर 19 रुपये का लाभांश देने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा, सितंबर तिमाही में राजस्व बढ़कर 16,034 करोड़ रुपये रहा। कुल खर्च 3.32 फीसदी बढ़कर 12,999 करोड़ रुपये रहा।
विदेशी निवेशकों ने 46 गुना बढ़ाई घरेलू सरकारी बॉन्ड की खरीदारी
विदेशी निवेशकों ने भारत सरकार के बॉन्ड की खरीद को इस हफ्ते 46 गुना बढ़ा दिया है। यह दिखाता है कि विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर विश्वास बढ़ रहा है। क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, वैश्विक फंडों ने बीते हफ्ते विदेशियों के लिए उपलब्ध 55.51 अरब के डेट फंड खरीदे हैं। इससे पिछले हफ्ते यह 1.21 अरब रुपये था। यह खरीदारी ऐसे समय पर देखी गई है, जब आरबीआई रुपये को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। इस कारण बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब एक फीसदी की तेजी देखी गई थी। आरबीआई के दखल के बाद रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से लगातार मजबूत हो रहा है। इससे भारतीय बॉन्ड्स पर रिटर्न भी बढ़ रहा है। यह लगातार दूसरा महीना होगा, जब भारतीय बॉन्ड्स अन्य उभरते हुए बाजार प्रतिद्वंदि्वयों से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। 10 वर्षों की अवधि वाले बॉन्ड का ब्याज करीब 6.5 फीसदी के आसपास है, जो एशियाई क्षेत्र में सबसे अधिक है।
विश्व बैंक ने केरल के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 280 मिलियन डॉलर मंजूर किए
विश्व बैंक ने केरल के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 280 मिलियन डॉलर के कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य दक्षिणी भारतीय राज्य में 11 मिलियन बुजुर्गों और कमजोर लोगों के लिए जीवन प्रत्याशा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह कार्यक्रम विस्तारित ई-हेल्थ सेवाओं, एकीकृत डेटा प्लेटफार्मों और उन्नत साइबर सुरक्षा के माध्यम से केरल की डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों को भी मजबूत करेगा।
बयान में कहा गया है कि केरल ने दो दशकों से अधिक समय से स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। इसमें नवजात शिशुओं (प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 3.4), शिशु (प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 4.4), पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 5.2) और मातृ मृत्यु दर (प्रति 100,000 जीवित जन्मों पर 19) में सुधार हुआ है।
अलास्का एयरलाइंस की आईटी आउटेज के बाद उड़ानें फिर से शुरू
अलास्का एयरलाइंस ने कहा है कि उसके संचालन गुरुवार को फिर से शुरू हो गए, इसके कुछ समय पहले सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आउटेज के कारण एयरलाइंस को अपनी उड़ानें कुछ घंटों के लिए रोकनी पड़ी थीं।
एयरलाइन ने बयान में कहा कि आउटेज के कारण 229 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और जैसे ही विमान और चालक दल को दोबारा व्यवस्थित किया जाएगा, कुछ और उड़ान बाधित होने की संभावना है।
एयरलाइंस ने कहा कि वह उन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है, जिनकी उड़ानें इस व्यवधान से प्रभावित हुईं। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। गुरुवार को हुई ग्राउंडिंग से अलास्का एयर और होराइजन एयर दोनों की उड़ानें प्रभावित हुईं।
एचएएल का पहला एचटीटी-40 सीरीज प्रोडक्शन विमान ने भरी उड़ान
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने घोषणा की कि देश में विकसित पहला हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 (HTT-40) सीरीज प्रोडक्शन विमान ने बंगलूरू स्थित एचएएल सुविधा से सफलतापूर्वक उड़ान भरी। यह विमान भारतीय वायुसेना के भावी ‘एयर वॉरियर्स’ को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किया गया है।
एचएएल के बयान के अनुसार, TH 4001 नामित यह विमान पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट है। यह एक पूर्णतः ऐरोबेटिक, टैंडम-सीट, टर्बोप्रॉप विमान है, जो बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण के साथ-साथ एरोबेटिक्स, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग और नाइट फ्लाइंग जैसे उन्नत प्रशिक्षण सक्षम करेगा।
निर्यात प्रतिबंधों से पहले चीन से बैटरी कलपुर्जों के ऑर्डर को जल्दी पूरा करने की तैयारी में रिलायंस
रिलायंस इंडस्ट्रीज नए निर्यात प्रतिबंधों से पहले चीन से बैटरी कलपुर्जों के ऑर्डर जल्दी से पूरा करने की कोशिश कर रही है। रिलायंस की एक टीम इस काम में तेजी लाने के लिए चीन गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बात को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं कि चीन अपने बढ़ते निर्यात नियंत्रण तंत्र को कैसे लागू करने की योजना बना रहा है।
चीनी कंपनियां इलेक्ट्रिक बैटरी तकनीक में विश्व में अग्रणी हैं। इस प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को बनाए रखने के लिए चीन ने इस महीने नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत कंपनियों को बैटरी आपूर्ति श्रृंखला उपकरण निर्यात करने से पहले अनुमति लेनी होगी। ये नए प्रतिबंध 8 नवंबर से लागू होंगे। चीनी बैटरी क्षेत्र के कम से कम एक दर्जन अन्य विदेशी ग्राहक भी रिलायंस जैसी ही स्थिति में हैं। कुछ ग्राहक माल जल्दी भेजने के लिए गुणवत्ता आश्वासन या निर्माण के अन्य अंतिम चरणों को छोड़ रहे हैं।
म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने की प्रक्रिया का मानकीकरण होगा, शेयर बाजार नियामक- सेबी ने दिया प्रस्ताव
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने और पहली निवेश प्रक्रिया को मानकीकृत करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद है कि निवेशकों के फोलियो केवल ‘नो योर क्लाइंट’ (KYC) सत्यापन के बाद ही बनाए जाएं। वर्तमान में कुछ मामलों में फोलियो KYC पंजीकरण एजेंसियों (KRA) द्वारा सत्यापन से पहले ही खुल जाते हैं, जिससे संचालन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। बृहस्पतिवार को सेबी ने अपने प्रस्ताव के संबंध में बताया कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMC) पहले आंतरिक KYC जांच करती हैं और फिर दस्तावेज़ KRAs को भेजती हैं। यदि बाद में कोई विसंगति पाई जाती है, तो फोलियो ‘नॉन-कंप्लायंट’ घोषित कर दिया जाता है। इस वजह से निवेशकों को नए फोलियो में लेनदेन करने, रिडेम्पशन राशि या डिविडेंड प्राप्त करने में कठिनाई होती है, जबकि एएमसी को संचार और भुगतान में बाधाएं आती हैं, जिससे बिना दावे वाली राशि बढ़ती है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि एएमसी केवल KYC दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही फोलियो बनाएं। इसके बाद ही KRAs अंतिम सत्यापन करेंगे और जब फोलियो को ‘KYC कंप्लायंट’ दर्ज किया जाएगा, तभी पहली निवेश की अनुमति दी जाएगी। निवेशकों को हर चरण की जानकारी ईमेल और मोबाइल के माध्यम से दी जाएगी। सेबी ने सभी संबंधित पक्षों से इन प्रस्तावों पर 14 नवंबर तक सुझाव मांगे हैं।
फर्स्ट ओवरसीज कैपिटल पर दो साल का प्रतिबंध
सेबी ने एक अन्य अहम फैसले में फर्स्ट ओवरसीज कैपिटल को प्रतिभूति बाजारों में प्रवेश और लेनदेन करने से दो साल के लिए कोई भी नया आदेश लेने से रोक दिया है। गलत जानकारी देने और अंडरराइटिंग सीमा सहित कई उल्लंघनों के लिए 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। सेबी ने पाया कि फर्स्ट ओवरसीज 2018-19 से नेटवर्थ जरूरतों का अनुपालन नहीं कर रही है। सेबी ने अप्रैल, 2021 से मार्च, 2022 तक निरीक्षण किया।
देश में विमानन कंपनियां इस साल 26 अक्तूबर से शुरू हो रहे शीतकालीन कार्यक्रम में हर सप्ताह 26,495 उड़ानें संचालित करेंगी, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत अधिक है। यह शीतकालीन शेड्यूल 26 अक्तूबर से शुरू होकर 28 मार्च 2026 तक लागू रहेगा।