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Biz Updates: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में तेजी, साल के अंत तक दिख सकते हैं सकारात्मक नतीजे

Fri, 14 Nov 2025 06:57 AM IST
शिवम गर्ग बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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अमेरिका ने संकेत दिया है कि भारत के साथ उसकी व्यापार वार्ताएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हाल की बातचीत में कई सकारात्मक प्रगति हुई है और उम्मीद है कि साल के अंत तक ठोस नतीजे मिल सकते हैं। अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और भारत के बीच दो मुद्दों पर एकसाथ बातचीत चल रही है- पहला, पारस्परिक (रेसिप्रोकल) व्यापार समझौता और दूसरा भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से जुड़ा मुद्दा। उन्होंने कहा कि तेल के संबंध में बाजार स्थिति में सुधार देखा गया है। अधिकारी ने बताया हमने भारत के साथ हाल ही में काफी सकारात्मक विकास देखे हैं। व्यापार समझौते पर बातचीत भी आगे बढ़ रही है और रूसी तेल मामले में भी स्थिति बेहतर हुई है। अभी बहुत काम बाकी है, लेकिन प्रगति तेज है और साल खत्म होने से पहले और उपलब्धियां मिल सकती हैं।

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ऋण गारंटी योजना : टैरिफ प्रभावित निर्यातकों को मिलेगा 50 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त कर्ज
ट्रंप टैरिफ से प्रभावित निर्यात ऋण गारंटी योजना के तहत रियायती दर पर 50 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने फंडिंग के मोर्च पर अल्पकालिक असंतुलन को दूर करने और नए संभावित बाजारों की खोज के मकसद से निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना शुरू की है।

योजना का उद्देश्य कार्यशील पूंजी की आवश्यकता वाले निर्यातकों को दी जाने वाली अतिरिक्त ऋण सुविधा के लिए 100 फीसदी गारंटी देना है। इस योजना के तहत, निर्यातक स्वीकृत निर्यात कार्यशील पूंजी सीमा के 20 फीसदी तक का उपयोग कर सकते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष निर्यातकों को कार्यशील पूंजी सीमा का 20 फीसदी तक मिलेगा, जो 50 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगा। दिशानिर्देश जारी होने की तिथि पर ब्याज दर मौजूदा सुविधा से एक फीसदी कम होगी। ऋण अवधि पहली वितरण तिथि से चार वर्ष होगी। यह योजना राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लि. (एनसीजीटीसी) के निर्देश जारी करने की तिथि से 31 मार्च, 2026 तक या 20,000 करोड़ रुपये तक की गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी। इस योजना के कार्यान्वयन और प्रगति की निगरानी के लिए डीएफएस सचिव की अध्यक्षता में एक प्रबंधन समिति गठित की जाएगी। एजेंसी

जल्द 2,000 करोड़ आवंटित करेगा केंद्र
सरकार ऋण गारंटी योजना के तहत जल्द ही 2,000 करोड़ आवंटित करेगी। राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लि. को पात्र निर्यातकों को 20,000 करोड़ तक की कर्ज सुविधाएं देने के लिए 2,000 करोड़ की जरूरत होगी। कंपनी के पास कुछ राशि उपलब्ध है। संसद की मंजूरी के बाद अनुदानों की अनुपूरक मांगों से बाकी राशि प्रदान की जा सकती है।

रिलिगेयर पर कब्जे के बाद बर्मन परिवार करेगा बोर्ड का पुनर्गठन
डाबर समूह के बर्मन परिवार, जिसने हाल ही में रिलिगेयर एंटरप्राइजेज पर सफल नियंत्रण स्थापित किया है, अब कंपनी के बोर्ड में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। परिवार जल्द ही बोर्ड में अपने तीन प्रतिनिधियों आनंद बर्मन, मोहित बर्मन और आदित्य बर्मन की नियुक्ति करेगा। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी का इंतजार है। यह उनके सफल अधिग्रहण और 750 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश प्रतिबद्धता के बाद हो रहा है। स्वामित्व बदलने और नई पूंजी आने के साथ कंपनी ऋण, हाउसिंग फाइनेंस, बीमा और ब्रोकिंग जैसे व्यवसायों में बड़े वित्तीय और ढांचागत पुनर्गठन से गुजर रही है।

BCCL और CMPDI की लिस्टिंग के लिए मार्केट स्टडी जारी- कोल मंत्री
कोल मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि कोल इंडिया की सहायक कंपनियों, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और कोल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) की लिस्टिंग के लिए मार्केट स्टडी चल रही है और उनकी लिस्टिंग सही समय पर की जाएगी। कुछ महीने पहले, BCCL और CMPDI ने अपनी प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए सेबी, बीएसई और एनएसई के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दायर किया था।

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में खदान मंत्रालय के पवेलियन का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि हम बाजार अध्ययन कर रहे हैं और उसके बाद ही हम सही समय पर लिस्टिंग करेंगे। कोल इंडिया की ये दोनों सहायक कंपनियां अपनी सार्वजनिक लिस्टिंग के बाद बाजार में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं, जो देश के खनिज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

जीटीआरआई ने क्यूसीओ के फैसले पर दी चेतावनी
सरकार ने कपड़ा, प्लास्टिक और खनन क्षेत्र में कच्चे माल की एक विस्तृत शृंखला पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) वापस आने के फैसला किया है। इससे कदम से उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है। हालांकि ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने चेतावनी दी है कि सरकार को अब आयात में वृद्धि पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित हो सके कि अनिवार्य प्रमाणीकरण की अनुपस्थिति निम्न-श्रेणी या डंप की गई आपूर्ति के लिए रास्ता न खोले। 
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पूर्वोत्तर को बुनियादी ढांचे, निवेश, कौशल विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई: निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे, निवेश, कौशल विकास और डिजिटल विस्तार के मामले में पूर्वोत्तर को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' दी है। उन्होंने यह टिप्पणी राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) कोहिमा में छात्रों और युवा पेशेवरों के साथ बातचीत के दौरान की, जहां प्रतिभागियों ने एक्ट ईस्ट नीति, उभरती प्रौद्योगिकियों, महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और डिजिटल समावेशन पर प्रश्न पूछे।

नवाचार और व्यापार के लिए एक्ट ईस्ट नीति का लाभ उठाने के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, "विकास, कौशल और निवेश के संदर्भ में पूर्वोत्तर को नीति के केंद्र में रखा गया है।" उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को अब बेहतर कनेक्टिविटी, बेहतर डिजिटल बुनियादी ढाँचे और व्यापक बाजार पहुँच का समर्थन प्राप्त है।

दशकों तक बुनियादी ढाँचे में पिछड़ने के बाद, पूर्वोत्तर में राजमार्गों, हवाई अड्डों, डिजिटल नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स में तेज़ी से सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, "क्षमताओं में वृद्धि हुई है... और डिजिटल क्षमताएँ बहुत तेज़ी से बढ़ रही हैं।" उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र की अवस्थिति इसे दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत के जुड़ाव में एक प्रमुख भागीदार बनाती है।
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