रिलिगेयर पर कब्जे के बाद बर्मन परिवार करेगा बोर्ड का पुनर्गठन
डाबर समूह के बर्मन परिवार, जिसने हाल ही में रिलिगेयर एंटरप्राइजेज पर सफल नियंत्रण स्थापित किया है, अब कंपनी के बोर्ड में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। परिवार जल्द ही बोर्ड में अपने तीन प्रतिनिधियों आनंद बर्मन, मोहित बर्मन और आदित्य बर्मन की नियुक्ति करेगा। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी का इंतजार है। यह उनके सफल अधिग्रहण और 750 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश प्रतिबद्धता के बाद हो रहा है। स्वामित्व बदलने और नई पूंजी आने के साथ कंपनी ऋण, हाउसिंग फाइनेंस, बीमा और ब्रोकिंग जैसे व्यवसायों में बड़े वित्तीय और ढांचागत पुनर्गठन से गुजर रही है।
BCCL और CMPDI की लिस्टिंग के लिए मार्केट स्टडी जारी- कोल मंत्री
कोल मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि कोल इंडिया की सहायक कंपनियों, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और कोल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) की लिस्टिंग के लिए मार्केट स्टडी चल रही है और उनकी लिस्टिंग सही समय पर की जाएगी। कुछ महीने पहले, BCCL और CMPDI ने अपनी प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए सेबी, बीएसई और एनएसई के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दायर किया था।
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में खदान मंत्रालय के पवेलियन का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि हम बाजार अध्ययन कर रहे हैं और उसके बाद ही हम सही समय पर लिस्टिंग करेंगे। कोल इंडिया की ये दोनों सहायक कंपनियां अपनी सार्वजनिक लिस्टिंग के बाद बाजार में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं, जो देश के खनिज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
जीटीआरआई ने क्यूसीओ के फैसले पर दी चेतावनी
सरकार ने कपड़ा, प्लास्टिक और खनन क्षेत्र में कच्चे माल की एक विस्तृत शृंखला पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) वापस आने के फैसला किया है। इससे कदम से उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है। हालांकि ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने चेतावनी दी है कि सरकार को अब आयात में वृद्धि पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित हो सके कि अनिवार्य प्रमाणीकरण की अनुपस्थिति निम्न-श्रेणी या डंप की गई आपूर्ति के लिए रास्ता न खोले।
पूर्वोत्तर को बुनियादी ढांचे, निवेश, कौशल विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे, निवेश, कौशल विकास और डिजिटल विस्तार के मामले में पूर्वोत्तर को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' दी है। उन्होंने यह टिप्पणी राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) कोहिमा में छात्रों और युवा पेशेवरों के साथ बातचीत के दौरान की, जहां प्रतिभागियों ने एक्ट ईस्ट नीति, उभरती प्रौद्योगिकियों, महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और डिजिटल समावेशन पर प्रश्न पूछे।
नवाचार और व्यापार के लिए एक्ट ईस्ट नीति का लाभ उठाने के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, "विकास, कौशल और निवेश के संदर्भ में पूर्वोत्तर को नीति के केंद्र में रखा गया है।" उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को अब बेहतर कनेक्टिविटी, बेहतर डिजिटल बुनियादी ढाँचे और व्यापक बाजार पहुँच का समर्थन प्राप्त है।
दशकों तक बुनियादी ढाँचे में पिछड़ने के बाद, पूर्वोत्तर में राजमार्गों, हवाई अड्डों, डिजिटल नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स में तेज़ी से सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, "क्षमताओं में वृद्धि हुई है... और डिजिटल क्षमताएँ बहुत तेज़ी से बढ़ रही हैं।" उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र की अवस्थिति इसे दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत के जुड़ाव में एक प्रमुख भागीदार बनाती है।