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Biz Updates: अदाणी ग्रुप ने फ्रांस की कंपनी के साथ की साझेदारी; 3500 करोड़+ की धोखाधड़ी, CBI का आरोपपत्र दायर

Fri, 10 Jul 2026 02:08 PM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) और फ्रांस की क्लीन-टेक कंपनी डायोक्सिकल ने भारत में कम-कार्बन (लो-कार्बन) केमिकल उत्पादन को विकसित करने और बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक साझेदारी की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि इस पहल की शुरुआत अदाणी ग्रुप के एक प्लांट में पायलट परियोजना से होगी, जहां कैप्चर किए गए कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) और नवीकरणीय बिजली (रेनेवेबल इलेक्ट्रिसिटी) की मदद से फॉर्मिक एसिड का उत्पादन किया जाएगा। पायलट परियोजना सफल रहने के बाद इस तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर लागू किया जाएगा। फॉर्मिक एसिड और उससे जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल वस्त्र (टेक्सटाइल), कृषि और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) सहित कई उद्योगों में व्यापक रूप से किया जाता है। इस परियोजना का उद्देश्य यह दिखाना है कि कैप्चर किए गए कार्बन उत्सर्जन को स्वच्छ ऊर्जा की मदद से उपयोगी औद्योगिक उत्पादों में बदला जा सकता है।

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3,500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी, CBI का पहला आरोपपत्र दाखिल 
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) द्वारा बैंकों को 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की कथित हानि से संबंधित अपना पहला आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह हानि धन के हेरफेर से हुई थी। गुरुवार को मुंबई की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में सीबीआई ने चार आरोपियों को नामजद किया है। इनमें आरएचएफएल, आरएचएफएल के दो पूर्व वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, रवींद्र सुधाकर (कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी) और कृष्णन गोपालकृष्णन अय्यर (मुख्य जोखिम अधिकारी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (मुख्य ऋण और जोखिम अधिकारी) को भी नामजद किया गया है। इन पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी हानि पहुंचाने के इरादे से आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के अपराधों का आरोप है। सीबीआई की जांच से पता चला है कि आरएचएफएल द्वारा उधार लिए गए धन को मध्यस्थ और वाहक संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों में भेजा गया था।

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