भारत-ब्रिटेन एफटीए से रत्न कारोबार में उछाल का अनुमान
भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने से रत्न एवं आभूषण उद्योग का दोनों देशों के बीच कारोबार 60,000 करोड़ रुपये (7 अरब डॉलर) तक पहुंचने का अनुमान है। जेम्स एवं जूलरी निर्यात संवर्धन काउंसिल (जीजेईपीसी) के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा, भारत से ब्रिटेन को होने वाला निर्यात 2.5 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है।
जीजेईपीसी ने इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो (आईआईजेएस) के जरिये 68,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है। यह शो 30 जुलाई से चार अगस्त तक मुंबई में होगा। भंसाली ने कहा, इस वर्ष आईआईजेएस अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा। इसमें 2,100 कंपनियां और 3,600 स्टॉल होंगे। इसमें 1,300 भारतीय शहरों और 80 देशों से 50,000 से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। जीजेईपीसी सऊदी अरब और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में 40,000 करोड़ रुपये के बाजार अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी तैयारी कर रहा है।
टैरिफ पर जारी अनिश्चितता से व्यापार प्रदर्शन पर पड़ेगा असर
अमेरिकी टैरिफ के मोर्चे पर जारी अनिश्चितता आने वाली तिमाहियों में भारत के व्यापार प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। वित्त मंत्रालय ने मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा, चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है। पहली तिमाही घरेलू आपूर्ति और मांग के बुनियादी ढांचे की मजबूत तस्वीर पेश करती है। महंगाई लक्ष्य सीमा के भीतर रहेगी। मानसून की प्रगति पटरी पर है।
समीक्षा के अनुसार, घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर में प्रवेश कर रही है। हालांकि, देशों के बीच तनाव में और वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन वैश्विक मंदी विशेष रूप से अमेरिका के कारण भारतीय निर्यात की मांग कम हो सकती है। धीमी ऋण वृद्धि और निजी निवेश की चाहत आर्थिक गति में तेजी को सीमित कर सकती है। एसएंडपी, इक्रा व आरबीआई ने 2025-26 के लिए विकास दर 6.2 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है।
बड़े शहरी सहकारी बैंक दूसरे राज्यों में कर सकते हैं विस्तार
आरबीआई ने बड़े शहरी सहकारी बैंकों के लिए नियमों में ढील दी है। इसके मुताबिक, 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के न्यूनतम मूल्य वाले बैंक अपने परिचालन क्षेत्र का विस्तार कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए केंद्रीय बैंक की पहले मंजूरी लेनी जरूरी होगी। दूसरे व तीसरे स्तर के शहरों वाले शहरी सहकारी बैंक एक वित्त वर्ष में परिचालन को अधिकतम दो राज्यों तक बढ़ा सकते हैं। बशर्ते प्रत्येक प्रस्तावित राज्य में कम से कम 5 शाखाएं खोलने के लिए पर्याप्त पूंजी हो।
मस्क की स्टारलिंक भारत में केवल 20 लाख कनेक्शन देगी
एलन मस्क की उपग्रह संचार सेवा प्रदाता कंपनी स्टारलिंक के भारत में केवल 20 लाख कनेक्शन हो सकते हैं। कंपनी केवल 200 एमबीपीएस तक की इंटरनेट स्पीड दे सकती है। केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा, सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लि. और अन्य दूरसंचार कंपनियों के लिए इससे कोई खतरा नहीं होगा। सैटकॉम सेवाओं की शुरुआती मासिक लागत लगभग 3,000 रुपये हो सकती है। एजेंसी
इंडिगो ने सिंगापुर टूरिज्म के साथ की साझेदारी
भारतीय एयरलाइंस इंडिगो ने सिंगापुर पर्यटन बोर्ड के साथ एक साल के एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इसका उद्देश्य सिंगापुर को भारतीय यात्रियों के लिए एक प्रमुख अवकाश और व्यावसायिक गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना और इंडिगो के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से बुकिंग को बढ़ावा देना है।
आंकड़ों के अनुसार 2025 की पहली छमाही में, उत्कृष्ट हवाई संपर्क के कारण, भारतीय पर्यटकों की संख्या 5,00,000 से अधिक हो गई। इसके अलावा 270 से अधिक साप्ताहिक उड़ानें सिंगापुर को चांगी हवाई अड्डे के माध्यम से 15 भारतीय शहरों से जोड़ती हैं।
सेबी ने एसआईएफ के तहत न्यूनतम निवेश सीमा की निगरानी के लिए तंत्र बनाया
बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को विशेष निवेश कोष (एसआईएफ) के तहत न्यूनतम निवेश सीमा के अनुपालन की निगरानी के लिए एक तंत्र बनाने की जानकारी दी। सेबी ने कहा कि किसी निवेशक की ओर से 10 लाख रुपये की सीमा के किसी भी सक्रिय उल्लंघन के मामले में, जिसमें स्टॉक एक्सचेंजों पर लेनदेन या ऑफ-मार्केट ट्रांसफर शामिल हैं, संबंधित एसआईएफ की निवेश रणनीतियों में रखे गए ऐसे निवेशकों की सभी इकाइयों को डेबिट के लिए फ्रीज कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, ऐसे निवेशकों को सीमा का अनुपालन करने के लिए निवेश को पुनः संतुलित करने हेतु 30 कैलेंडर दिनों का नोटिस दिया जाएगा। सेबी ने अपने परिपत्र में कहा, "यदि कोई निवेशक 30 कैलेंडर दिनों की नोटिस अवधि के भीतर एसआईएफ में अपने निवेश को पुनर्संतुलित करता है, तो ऐसे निवेशक की एसआईएफ की इकाइयों को अनफ्रीज कर दिया जाएगा, और न्यूनतम निवेश सीमा के अनुपालन के संबंध में कोई और कार्रवाई नहीं की जाएगी।"
नए इनकम टैक्स बिल को लेकर आयकर विभाग ने जारी किया बयान
आयकर विभाग ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि इनकम टैक्स बिल, 2025 में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) की टैक्स दरों में किसी तरह के बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।
विभाग ने सोशल मीडिया एक्स पर इससे संबंधित पोस्ट किया। उसमें कहा कि विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह खबर चल रही है कि नए इनकम टैक्स बिल में कुछ श्रेणियों के करदाताओं के लिए एलटीसीजी पर टैक्स दरों में बदलाव प्रस्तावित है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है।
आयकर विभाग ने स्पष्ट किया कि इनकम टैक्स बिल, 2025 का उद्देश्य केवल भाषा को सरल बनाना और अप्रचलित प्रावधानों को हटाना है। यह किसी भी प्रकार की टैक्स दरों में बदलाव का प्रयास नहीं करता। यह करों की किसी भी दर को बदलने का प्रयास नहीं करता है। इस संबंध में किसी भी अस्पष्टता को विधेयक पारित होने के दौरान विधिवत संबोधित किया जाएगा।
एचडीएफसी विलय से पहले ट्रेडिंग पर सेबी ने 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
बाजार नियामक सेबी ने एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के विलय से जुड़ी अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी (UPSI) के आधार पर ट्रेडिंग करने के मामले में एक इकाई पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी की जांच में सामने आया कि रूपेश सतीश दलाल एचयूएफ ने 4 अप्रैल, 2022 को विलय की आधिकारिक घोषणा से कुछ दिन पहले एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के डेरिवेटिव्स में कारोबार किया था। उस समय विलय से जुड़ी सूचना सार्वजनिक नहीं थी।
एआईएफ में निवेश पर आरबीआई ने तय की सीमा
भारतीय रिजर्व बैंक ने वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) में बैंकों, एनबीएफसी और अन्य विनियमित संस्थाओं के निवेश की सीमा तय कर दी है। मंगलवार को जारी निर्देश के अनुसार, कोई भी एकल विनियमित इकाई (RE) अब किसी एआईएफ योजना में 10 प्रतिशत से अधिक योगदान नहीं कर सकेगी।
इसके अलावा, किसी भी एआईएफ योजना में सभी आरई द्वारा सामूहिक योगदान उस योजना की कुल राशि के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। आरई का मतलब बैंकों, एनबीएफसी और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों से है।