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Biz Updates: स्विगी को अतिरिक्त 158 करोड़ का आयकर मांग नोटिस; एल्गो ट्रेडिंग में नियम एक मई से लागू होंगे

Wed, 02 Apr 2025 01:46 AM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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बिजनेस अपडेट - फोटो : अमर उजाला
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फूड डिलीवरी एप स्विगी को 158 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त कर मांग नोटिस मिला है। कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया, अप्रैल, 2021 से मार्च, 2022 की अवधि के लिए आयकर उपायुक्त सेंट्रल सर्कल 1 (1), बंगलूरू से एक आकलन आदेश प्राप्त हुआ है। इसमें कर के रूप में अतिरिक्त 1,58,25,80,987 रुपये की मांग की गई है। स्विगी ने कहा, वह इस आदेश के खिलाफ समीक्षा/अपील के जरिये अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। इस आदेश से उसके वित्तीय और परिचालन पर कोई बड़ा प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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एल्गो ट्रेडिंग में नियमों को लागू करने का समय बढ़ा
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एल्गोरिथम ट्रेडिंग में खुदरा निवेशकों की भागीदारी से संबंधित नियमों को लागू करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब इसे एक अप्रैल के बजाय एक मई से लागू किया जाएगा। फरवरी में लाया गया सर्कुलर अगस्त से प्रभावी होगा। स्टॉक एक्सचेंजों ने ब्रोकरों के साथ विचार-विमर्श की जरूरत का हवाला देकर समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। वर्तमान में केवल संस्थागत निवेशकों को ही एल्गो ट्रेडिंग में निवेश करने की मंजूरी है।

एफसीआरए पंजीकृत एनजीओ की वैधता अवधि 30 जून तक बढ़ाई
गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत उन गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की वैधता अवधि 30 जून तक बढ़ा दी है, जिनका नवीनीकरण आवेदन लंबित है। इस फैसले से उन एनजीओ को राहत मिलेगी, जिनका पांच साल का लाइसेंस एक अप्रैल से 30 जून के बीच समाप्त हो रहा है। विदेशी धन प्राप्त करने वाले सभी एनजीओ या संस्थाओं के लिए एफसीआरए के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। 

ऑनलाइन फूड मामले में 5 साल की अवधि में 21,042 शिकायतें
पांच सालों में ऑनलाइन फूड डिलीवरी उपलब्ध कराने वाले एप्स के खिलाफ उपभोक्ताओं ने खाद्य नियामक एफएसएसएआई के पास 21,042 शिकायतें दर्ज कराई हैं। राज्यसभा में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 7,482, 2023-24 में 4,708, वर्ष 2022-23 में 4,321, वर्ष 2021-22 में 3,726 और 2020-21 में 805 शिकायतें दर्ज की गईं।

एनएचएआई ने टोल शुल्क चार से पांच फीसदी बढ़ाया
देशभर के राजमार्गों पर सफर मंगलवार से महंगा हो गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजमार्गों पर टोल दरों में औसतन 4 से 5 फीसदी वृद्धि कर दी है। बढ़ी दरें तत्काल लागू हो गई हैं। टोल दरों की थोक महंगाई दर के आधार पर सालाना आधार पर समीक्षा की जाती है और पहली अप्रैल से दरों में बदलाव लागू किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत इस बार यह वृद्धि की गई है। एनएचएआई देशभर में 855 के करीब टोल प्लाजा के जरिये वाहनों से शुल्क वसूलता है।

ईपीएफओ ने पैनल में 15 और बैंक जोड़े
ईपीएफओ ने अंशदान एकत्र करने के लिए पैनलबद्ध बैंकिंग नेटवर्क में 15 और बैंकों को शामिल किया है। इससे बैंकों की कुल संख्या 32 हो गई। ईपीएफओ ने कहा, 15 बैंक वार्षिक संग्रह में 12,000 करोड़ का प्रत्यक्ष भुगतान करने में सक्षम होंगे। इन बैंकों में खाते रखने वाले नियोक्ताओं को सीधी पहुंच प्रदान करेंगे।

एआई के कारण जोमैटो ने 600 कर्मियों को निकाला
फूड डिलीवरी एप जोमैटो ने पिछले साल शुरू किए गए जोमैटो एसोसिएट एक्सेलरेटर प्रोग्राम के तहत करीब 600 कस्टमर सपोर्ट कर्मचारियों को निकाल दिया है। इन्हें एक साल के भीतर ही भर्ती किया गया था। कंपनी अपने कस्टमर सपोर्ट डिविजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बढ़ा रही है। छंटनी का असर गुरुग्राम और हैदराबाद के कर्मचारियों पर पड़ा है।

डिजिलॉकर के जरिये डीमैट की जानकारी
निवेशक एक अप्रैल से डिजिलॉकर के जरिये डीमैट खाते के विवरण और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स को स्टोर और एक्सेस कर सकते हैं। इस पहल से प्रतिभूति बाजार में बिना दावे वाली संपत्तियों में कमी आएगी और निवेशक सुरक्षा बढ़ेगी। समेकित खाता विवरण भी प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल से मौजूदा डिजिलॉकर सेवाओं का विस्तार होगा। 

सेबी ने एनएसडीएल को आईपीओ लाने के लिए 31 जुलाई तक का दिया समय
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) को अपना आईपीओ लाने के लिए 31 जुलाई, 2025 तक समय विस्तार दिया है। डिपॉजिटरी ने बुधवार को इसकी घोषणा की। यह विस्तार डिपॉजिटरी की ओर से भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) से विस्तार मांगे जाने के बाद आया है। एनएसडीएल के बयान के अनुसार, "सेबी ने 28 मार्च, 2025 के अपने पत्र के माध्यम से, शर्तों के साथ, एनएसडीएल के शेयरों को मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर 31 जुलाई, 2025 तक सूचीबद्ध करने के लिए समय विस्तार दिया है।"

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार से एनएसडीएल को आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए खुद को तैयार करने और बाजार की स्थिति अधिक अनुकूल होने पर इसे लॉन्च करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। सेबी ने सितंबर 2024 में एनएसडीएल को अपना आईपीओ लाने की मंजूरी दे दी। डिपॉजिटरी ने जुलाई 2023 में अपने मसौदा पत्र दाखिल किए थे।

प्रस्तावित आईपीओ भारतीय राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और एचडीएफसी बैंक सहित मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 5.72 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों की पूर्ण बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगी। चूंकि यह सार्वजनिक निर्गम पूर्णतः ओएफएस है, इसलिए एनएसडीएल को आईपीओ से कोई आय प्राप्त नहीं होगी।

एक साल का अग्रिम शुल्क ले सकेंगे निवेश सलाहकार व शोध विश्लेषक
 सेबी ने निवेश सलाहकारों और शोध विश्लेषकों को एक वर्ष तक के लिए अग्रिम शुल्क लेने की अनुमति दे दी। मौजूदा नियमों के तहत निवेश सलाहकार (आईए) ग्राहक की सहमति से दो तिमाहियों तक के लिए अग्रिम शुल्क ले सकते हैं। शोध विश्लेषकों (आरए) के लिए यह केवल एक तिमाही के लिए था।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को कहा, अगर ग्राहक सहमत हो तो आईए और आरए एक साल का अग्रिम शुल्क ले सकते हैं। ये प्रावधान जैसे शुल्क सीमा, शुल्क भुगतान के तरीके, शुल्क वापसी, अग्रिम शुल्क और टूट-फूट शुल्क केवल व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार ग्राहकों के मामले में ही लागू होंगे। ये प्रावधान गैर-व्यक्तिगत ग्राहकों, मान्यता प्राप्त निवेशकों और प्रॉक्सी सलाहकार की सिफारिश चाहने वाले संस्थागत निवेशकों पर लागू नहीं होंगे। 
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स्वदेशी डीजल इंजन के लिए नौसेना का किर्लोस्कर से 270 करोड़ का करार
भारतीय नौसेना ने स्वदेशी समुद्री डीजल इंजन बनाने के लिए किर्लोस्कर ऑयल इंजन लि. के साथ 270 करोड़ का अनुबंध किया है। ये इंजन भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की ओर से जहाजों के मुख्य प्रणोदन (प्रोपल्शन) और बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।

परियोजना के तहत 3 मेगावाट से लेकर 10 मेगावाट तक की क्षमता के डीजल इंजनों को डिजाइन और विकसित किया जाएगा। यह पहल न केवल घरेलू रक्षा उद्योग के विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को भी प्रोत्साहित करेगी। यह समझौता मेक-आई कैटेगरी के तहत किया गया है। इसे स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा जा रहा है। इसके तहत 50 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ डीजल इंजन का प्रोटोटाइप तैयार किया जाएगा। 
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