वंदे भारत सहित सभी प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों में नेफेड नहीं, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ही भोजन परोसेगा। रेलवे ने एक बयान में स्पष्ट किया कि मंत्रालय के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल आईआरसीटीसी भारतीय रेलवे के विस्तारित अंग के रूप में ट्रेनों (वंदे भारत सहित) में खान-पान सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत है। इसमें नेफेड की कोई भूमिका या मैंडेट नहीं है। बयान में कहा गया कि आईआरसीटीसी की ओर से दूसरे सप्लायर की तरह नेफेड को भी वर्तमान सेवा प्रदाता के माध्यम से ट्रेनों में भोजन/खाद्य पदार्थ आपूर्ति के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इसमें एनपीडीए (गेहूं का आटा, चावल, मसाले, खाना पकाने का तेल आदि) और पीएडी (बेकरी उत्पाद, बिस्कुट, फ्रूट ड्रिंक, चाय, कॉफी आदि) वस्तुएं शामिल हैं।
अनिवासी बैंक खाते से असामान्य लोन नहीं
एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि एफसीएनआर(बी) यानी विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक खाते के तहत आने वाली रकम से असामान्य लोन नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस धनराशि का इस्तेमाल चार महीने तक की अवधि में किया जाएगा। शेट्टी ने कहा कि बैंककर्मी आरबीआई की विशेष रियायती मुद्रा अदला-बदली सुविधा के तहत प्रवासी भारतीयों से जुटाई गई 127 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की धनराशि का इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
जीएसटी पंजीकरण में आधार सत्यापन जरूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने बढ़ते फर्जीवाड़े को देखते हुए पूरे देश में जीएसटी पंजीकरण के लिए बायोमीट्रिक आधारित आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। कोर्ट ने उन याचिकाओं पर यह आदेश दिया, जिनमें याचिकाकर्ताओं के पैन का गलत इस्तेमाल कर फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराया गया। बाद में उन्हें टैक्स नोटिस मिला।
भारतीय दंपती ने अमेरिका में दान किए 190 करोड़
अमेरिका में पहली बार किसी भारतवंशी दंपती के नाम पर एआई कॉलेज का नाम रखा गया है। दंपती अनुराधा और विकास सिन्हा ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ उत्तर टेक्सस को एआई का नया कॉलेज बनाने के लिए 190 करोड़ का दान दिया है।
प्रस्तावित बीज कानून पर कृषि मंत्री की 20 किसान संगठनों के साथ बैठक
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए बीज कानून पर 20 किसान संगठनों के साथ बैठक की। प्रस्तावित कानून में नकली और घटिया बीज पर सजा और जुर्माने के साथ हर बीज के शोध से लेकर विकास तक की पूरी जानकारी और किसान को दुनिया के किसी भी देश से बीज लाकर खेती करने का प्रावधान किया गया है। कृषि भवन में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में कानून के प्रस्तावित मसौदे को लेकर शेतकारी संगठन व भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक आमने सामने आ गए। किसान संगठनों ने कहा कि भारतीय बीजों के निर्यात और विदेशी बीजों के आयात की नीति को पारदर्शी और जवाबदेह होना आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने संवाद को सार्थक बताया। किसान संगठन या किसान व्यक्तिगत रूप से भी इस मसौदा प्रस्ताव पर अपनी राय दे सकते हैं। उन्होंने शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने के सवाल के जवाब में कहा कि किसान संगठनों के साथ एक राय के बाद ही वह कुछ कह सकते हैं।