दूरसंचार कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) सात सरकारी बैंकों के 8,346.24 करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान में चूक गई है। इसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 3,633.42 करोड़ रुपये और इंडियन ओवरसीज बैंक का 2,374.49 करोड़ रुपये बकाया है। बैंक ऑफ इंडिया का 1,077.34 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक का 464.26 करोड़, एसबीआई का 350.05 करोड़ रुपये, यूको बैंक का 266.30 करोड़ और मूलधन व ब्याज भुगतान सहित 180.3 करोड़ रुपये शामिल है। यह चूक अगस्त, 2024 से फरवरी, 2025 के बीच हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी ने 19 अप्रैल को शेयर बाजारों को बताया, 31 मार्च, 2025 तक उसका बकाया कर्ज 33,568 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसमें 8,346 करोड़ रुपये का बैंक ऋण, 24,071 करोड़ रुपये के सॉवरेन गारंटी (एसजी) बॉन्ड और एसजी बॉन्ड ब्याज का भुगतान करने के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) से 1,151 करोड़ रुपये का ऋण शामिल है।