भारत ने चालू विपणन वर्ष के अप्रैल तक 4.24 लाख टन चीनी का निर्यात किया है। कुल मंजूरी 10 लाख टन की है। सबसे बड़ी खेप 92,758 टन सोमालिया को भेजी गई। विपणन वर्ष अक्तूबर से सितंबर तक चलता है। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) के अनुसार, अप्रैल तक सफेद चीनी का निर्यात 3.27 लाख टन, रिफाइंड चीनी का 77,603 टन और कच्ची चीनी का 18,514 टन निर्यात हुआ। करीब 25,000 टन चीनी की खेप लदान के अधीन है। अब तक के निर्यात में से अफगानिस्तान को 66,927 टन, श्रीलंका को 60,357 टन व जिबूती को 47,100 टन चीनी भेजी गई है। वर्तमान निर्यात परिदृश्य को देखते हुए करीब 8 लाख टन चीनी निर्यात होने का अनुमान है।
निसान फिर 10000 से ज्यादा की करेगी छंटनी
वाहन निर्माता कंपनी निसान मोटर वैश्विक स्तर पर फिर 10,000 से अधिक कर्मचारियों को निकालेगी। पहले घोषित छंटनी सहित कुल 20,000 कर्मचारियों पर असर होगा। यह कुल कर्मचारियों का करीब 15 फीसदी हिस्सा है। लगातार घाटे की वजह से कंपनी ने यह फैसला किया है। जापानी कंपनी को अनुमान है कि उसे मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में 700 अरब येन से 750 अरब येन तक घाटा हो सकता है। कंपनी इसी हफ्ते वित्तीय परिणाम की घोषणा करने वाली है।
हार्डवेयर इंजीनियरिंग में महिलाओं ने किया 26 फीसदी ज्यादा आवेदन
हार्डवेयर इंजीनियरिंग उद्योग में पिछले साल महिलाओं के नौकरी के आवेदनों में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आमतौर पर पुरुष प्रधान क्षेत्र माने जाने वाले इस क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बदलाव का संकेत देती है। वर्क इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2024 में हार्डवेयर इंजीनियरिंग नौकरियों के लिए पुरुषों के आवेदन 2023 की तुलना में 19 प्रतिशत बढ़े। रिपोर्ट के अनुसार, हार्डवेयर इंजीनियरिंग में महिलाओं की भागीदारी में 26 प्रतिशत की वृद्धि सिर्फ एक संख्या नहीं है, यह भारत के तकनीकी उद्योग के बदलते परिदृश्य का प्रमाण है। जैसे-जैसे महिलाएं मुख्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रवेश कर रही हैं, जहां कभी पुरुषों का वर्चस्व था, यह एक ऐसा बदलाव है जो इंजीनियरिंग के भविष्य को परिभाषित करेगा।
जेनसोल के शेयरों में गिरावट जारी
जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयरों में गिरावट का दौर जारी है। मंगलवार को भी कंपनी के शेयरों में 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। स्टॉक बीएसई में 4.99 प्रतिशत गिरकर 51.84 रुपये के स्तर पर आ गया है। वहीं एनएसई में यह पांच प्रतिशत गिरकर 51.25 पर है। यह बीते 52 हफ्तों में सबसे कम कीमत है। सेबी की जांच में जेनसोल इंजीनयरिंग के दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी मिली थी, जिसके बाद सेबी ने कंपनी और इसके प्रमोटर्स को सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया था।
मुक्त बाजार व्यवस्था पर संकट
विश्व व्यापार संगठन के प्रमुख नगोजी ओकोंजो इवेला ने जापान में कहा है कि मुक्त बाजार व्यवस्था पर इन दिनों संकट के बादल छाए हुए हैं। जापान के पीएम के साथ मुलाकात में इवेला ने कहा कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते वैश्विक वाणिज्य बाधित हुआ है। उन्होंने जापान से अपील की कि जापान मुक्त बाजार व्यवस्था का बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरे। दुनियाभर में व्यापार को मुक्त रखने और वैश्विक आपूर्ति के विकास में डब्लूटीओ की अहम भूमिका रही है। डब्लूटीओ के प्रयासों से व्यापार में संरक्षणवाद खत्म हुआ, लेकिन अब ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों ने डब्लूटीओ के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
संचार सेवाओं में सबसे मजबूत रहेगी ईपीएस ग्रोथ
जेपी मॉर्गन ने दावा किया है कि सेक्टोरल अर्निंग्स पर शेयर (ईपीएस) में ग्रोथ के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। जेपी मॉर्गन द्वारा जारी डेटा के अनुसार, भारत में ईपीएस ग्रोथ स्थिर है और अगले दो वर्षों में कुछ सेक्टर्स में शानदार वृद्धि हो सकती है। जेपी मॉर्गन के अनुसार, भारत की संचार सेवाओं में सबसे मजबूत ईपीएस ग्रोथ हो सकती है। इस सेक्टर में ग्रे बार साल 2025 में 45 प्रतिशत के आंकड़े को छू सकता है।
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिकी समकक्षों के साथ होगी अहम बैठक
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों का एक दल प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ 17 मई से वाशिंगटन में चर्चा करेगा। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।अपनी यात्रा के दौरान गोयल के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के साथ बैठक करने की उम्मीद है। यह चार दिवसीय वार्ता (17-20 मई) ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश इस वर्ष शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) तक व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने से पहले ‘‘शीघ्र पारस्परिक लाभ’’ सुनिश्चित करने के लिए वस्तुओं में अंतरिम व्यापार व्यवस्था की संभावना तलाश रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार 19 से 22 मई तक बैठक करेंगे। गोयल 16 मई को वाशिंगटन पहुंचेंगे।
संजय सिंघल की याचिका पर सुनवाई 26 जून तक टली
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने मंगलवार को कर्ज में डूबी भूषण पावर एंड स्टील लि. (बीपीएसएल) के पूर्व प्रवर्तक संजय सिंघल की याचिका पर सुनवाई 26 जून तक के लिए स्थगित कर दी। सिंघल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने का आग्रह करते हुए एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाया है। न्यायालय ने दो मई को सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाली जेएसडब्ल्यू स्टील की 19,700 करोड़ रुपये की समाधान योजना को रद्द कर दिया था। शीर्ष अदालत ने न्यायाधिकरण के पिछले आदेश को अलग रखते हुए दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के प्रावधानों के अनुसार बीपीएसएल के परिसमापन की शुरुआत करने का निर्देश दिया था। इसके बाद, सिंघल ने न्यायालय के फैसले और उसके कार्यान्वयन को रिकॉर्ड में रखने के लिए एनसीएलटी का रुख किया।