एशियाई शेयरों में हल्की बढ़त, फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं
गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में हल्की तेजी देखने को मिली, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया। जापान का निक्केई 225, ऑस्ट्रेलिया का ASX 200, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट सभी में 0.2% से 0.8% तक की बढ़त दर्ज की गई। फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि फिलहाल अमेरिकी अर्थव्यवस्था “ठोस रफ्तार” से चल रही है, लेकिन व्यापार युद्ध और टैरिफ के चलते आगे जोखिम बने हुए हैं। पॉवेल ने चेतावनी दी कि यदि टैरिफ बढ़ते रहे तो महंगाई बढ़ेगी, आर्थिक विकास धीमा होगा और बेरोजगारी बढ़ सकती है।
इस बीच, वॉल स्ट्रीट पर भी बुधवार को शेयरों में तेजी रही। S&P 500 में 0.4%, डॉव जोंस में 0.7% और नैस्डैक में 0.3% की बढ़त देखी गई। वॉल्ट डिज़नी के शेयरों में 10.8% की बड़ी छलांग लगी क्योंकि कंपनी ने उम्मीद से बेहतर मुनाफा कमाया और एक मिलियन से ज्यादा नए स्ट्रीमिंग सब्सक्राइबर जोड़े। हालांकि, वैश्विक बाजारों में चिंता बनी हुई है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता को लेकर उम्मीदें हैं, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सख्त रुख—145% टैरिफ घटाने से इनकार—से अनिश्चितता बनी हुई है। चीन ने साफ कर दिया है कि वह टैरिफ घटाने को वार्ता की शर्त मानता है।
दूसरी ओर, भारत और पाकिस्तान के बीच भी तनाव गहरा गया है। भारत द्वारा पाकिस्तान के पंजाब और पीओके में किए गए मिसाइल हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 31 लोगों की मौत हो गई। भारत ने इन हमलों को जम्मू-कश्मीर में भारतीय पर्यटकों की हत्या का जवाब बताया, जबकि पाकिस्तान ने इसे "युद्ध की कार्रवाई" करार दिया है और बदला लेने की चेतावनी दी है। इन भू-राजनीतिक तनावों और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच बाजारों में सतर्कता बनी हुई है।