वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों से कहा है कि वे अपने परिचालन को और बढ़ाने के बाद सहायक कंपनियों में अपने निवेश को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराकर उसका मौद्रीकरण करें, ताकि उन्हें अच्छा रिटर्न मिल सके। मध्यम से लंबी अवधि में सरकारी बैंकों की करीब 15 सहायक कंपनियां या संयुक्त उद्यम प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) या विनिवेश के लिए तैयार हैं।
सूत्रों ने कहा, बैंकों को जहां भी जरूरी हो, अपनी सहायक कंपनियों या संयुक्त उद्यमों के परिचालन को बढ़ाने के लिए धन का निवेश करना चाहिए। उदाहरण के लिए, एसबीआई अपने परिचालन को बढ़ाने के बाद एसबीआई जनरल इंश्योरेंस व एसबीआई पेमेंट सर्विसेज को सूचीबद्ध करने पर विचार कर सकता है।
बैंकों का एनपीए घटकर 0.52 फीसदी
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकों का कुल कारोबार 2022-23 के 203 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 251 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एनपीए 1.24 फीसदी से घटकर 0.52 फीसदी रह गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बताया, बैंकों का शुद्ध मुनाफा भी 1.04 लाख करोड़ से बढ़कर 1.78 लाख करोड़ हो गया है। इन बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी है।