अदाणी समूह ने भारत का पहला ऑफ-ग्रिड ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्लांट शुरू किया
अदाणी मूह ने गुजरात के कच्छ में भारत का पहला ऑफ-ग्रिड पांच मेगावाट का हरित हाइड्रोजन पायलट संयंत्र चालू कर दिया है। समूह ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
ऑफ-ग्रिड ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट एक ऐसी सुविधा है जो सौर या पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों द्वारा संचालित इलेक्ट्रोलिसिस का उपयोग करके हाइड्रोजन का उत्पादन करती है, और मुख्य विद्युत ग्रिड से जुड़ी नहीं होती है। इसका मतलब है कि हाइड्रोजन उत्पादन प्रक्रिया के लिए प्लांट पूरी तरह से अपने स्वयं के नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन पर निर्भर करता है।
पांच मेगावाट के इस संयंत्र का निर्माण अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) द्वारा किया गया है - जो समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के तहत स्वच्छ ऊर्जा इकाई है।
एनटीपीसी बोर्ड ने शेयरधारकों से 18000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी मांगी
बिजली क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनटीपीसी घरेलू बाजार में निजी नियोजन के तहत एनसीडी या बांड जारी कर 18,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेगी। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी ने सोमवार को डाक मतपत्र की सूचना जारी की। ऐसा सुरक्षित/असुरक्षित, विमोचनीय, करयोग्य/करमुक्त, संचयी/गैर-संचयी, गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (बांड/एनसीडी) जारी कर 18,000 करोड़ रुपये तक की धनराशि जुटाने के लिए ई-वोटिंग के जरिए सदस्यों की मंजूरी लेने के लिए किया गया। यह जानकारी नियामकीय फाइलिंग में दी गई है।
नई दिल्ली: सरकार ने आय वितरण सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ पैनल गठित किया
सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने सोमवार को सुरजीत एस भल्ला की अध्यक्षता में एक तकनीकी विशेषज्ञ समूह गठित करने की घोषणा की। यह समूह संभावित रूप से 2026 में होने वाले आय वितरण सर्वेक्षण से जुड़े सलाह देगा। मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि तकनीकी विशेषज्ञ समूह (टीईजी) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय को अखिल भारतीय आय वितरण सर्वेक्षण आयोजित करने के लिए मार्गदर्शन करेगा, जिसे संभवतः 2026 में आयोजित किया जाएगा। सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के पूर्व कार्यकारी निदेशक सुरजीत एस भल्ला की अध्यक्षता में एक TEG का गठन किया है।
विशेषज्ञ समूह अवधारणाओं और परिभाषाओं को अंतिम रूप देने, सर्वेक्षण विधि और उपकरणों की तैयारी, नमूना डिजाइन और आकलन की विधि के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करेगा और विश्व भर में अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल करेगा। सर्वेक्षण में घरेलू आय (मजदूरी) पर प्रौद्योगिकी अपनाने के प्रभाव का आकलन करने का भी प्रयास किया जाएगा। टीईजी सर्वेक्षण परिणामों को अंतिम रूप देने और रिपोर्ट जारी करने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।
सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय व अन्य मंत्रालयों/विभागों के अध्यक्ष और कई अधिकारियों के अलावा, TEG के अन्य सदस्यों में शामिल हैं - आलोक कर, पूर्व प्रोफेसर, भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता; सोनाली देसाई, राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली; प्रवीण झा, आर्थिक अध्ययन एवं योजना केंद्र, जेएनयू; श्रीजीत मिश्रा, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, हैदराबाद विश्वविद्यालय; तीर्थंकर पटनायक, मुख्य अर्थशास्त्री, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया; राजेश शुक्ला, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, पीपल रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी; तथा राम सिंह, निदेशक, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स।
टीईजी सरकार के भीतर और/या बाहर विषय-वस्तु विशेषज्ञों की सहायता ले सकता है और आवश्यकतानुसार सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से उन्हें सदस्य के रूप में सहयोजित कर सकता है।