ONGC आंध्र प्रदेश में तेल-गैस उत्पादन पर ₹8110 करोड़ निवेश करेगी
तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ONGC) आंध्र प्रदेश में तेल और गैस के ऑनशोर विकास और उत्पादन के लिए 8,110 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इस परियोजना के तहत कंपनी आठ उत्पादन माइनिंग लाइसेंस (PML) ब्लॉकों में 172 कुओं की ड्रिलिंग और विकास कार्य करेगी। परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय की एक समिति ने पिछले महीने हुई बैठक में पर्यावरण स्वीकृति की सिफारिश कर दी है।
विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने बैठक के विवरण में कहा कि परियोजना की अनुमानित लागत 8110 करोड़ रुपये है। ईएमपी (पर्यावरण प्रबंधन योजना) की पूंजीगत लागत 172 करोड़ रुपये होगी और ईएमपी की आवर्ती लागत 91.16 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगी। उद्योग ने जन सुनवाई में की गई प्रतिबद्धताओं के लिए 11 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय एनजीओ अब 'एवरीडे गिविंग' पर कर रहे हैं भरोसा
नए अध्ययन के अनुसार, संस्थागत और विदेशी फंडिंग में सख्ती के चलते भारतीय गैर-लाभकारी संस्थाएं अब एवरीडे गिविंग यानी आम नागरिकों से नियमित छोटे-छोटे योगदान-पैसे, समय और कौशल-पर अधिक निर्भर हो रही हैं, ताकि अपनी गतिविधियों को बनाए रखा जा सके और समुदाय के साथ संबंध गहरे किए जा सकें।
इस अध्ययन उदारता: प्रतिदिन दान (ईजी) रिपोर्ट 2025' को 13 सामाजिक क्षेत्र को 13 सामाजिक क्षेत्र संगठनों ने विकसित किया है और 50 से अधिक संगठनों ने मार्गदर्शन प्रदान किया है। यह भारत में पहली बार की गई सहयोगात्मक शोध पहल है, जिसमें यह पता लगाया गया है कि एनजीओ किस तरह नागरिक परोपकार का उपयोग कर अपनी पहुंच और प्रभात बढ़ा रहे हैं।
मुंबई: 18 महीनों में सोशल मीडिया से 1 लाख से अधिक गैरकानूनी सामग्री हटाई गई, बोले सेबी प्रमुख
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने सोमवार को कहा कि पिछले 18 महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से एक लाख से अधिक गैरकानूनी सामग्री हटाई गई है। उन्होंने भोले-भाले निवेशकों को धोखेबाजों से बचाने की जरूरत पर प्रकाश डाला।
पांडे ने कहा कि सेबी ने गैरकानूनी सामग्री के मुद्दे को गूगल और मेटा जैसे प्लेटफॉर्मों के समक्ष उठाया है। यहां एनएसई में निवेशक जागरूकता कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी उपकरणों के आगमन से गलत काम करने वालों के लिए समस्याग्रस्त सामग्री पोस्ट करना आसान हो गया है, जो निवेशकों को धोखा देती है, और इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए विश्वास बनाए रखना महत्वपूर्ण है कि कोई भी इसका शिकार न हो।
उन्होंने कहा, "पिछले 18 महीनों में ऐसी एक लाख से अधिक वस्तुओं का आयात किया गया है।" सेबी की ओर से हाल ही में किए गए 90,000 उत्तरदाताओं के सर्वेक्षण के परिणामों का हवाला देते हुए पांडे ने कहा कि केवल 36 प्रतिशत लोगों को पूंजी बाजार के बारे में उच्च या मध्यम स्तर का ज्ञान है, जिससे पता चलता है कि लोगों का एक बड़ा समूह भ्रामक सामग्री के प्रति संवेदनशील है।