सेबी का निवेशकों की सुरक्षा और कारोबार को आसान बनाने प्रयास
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों की सुरक्षा और कारोबार को आसान बनाने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव जारी किया है। सेबी ने ग्राहकों के “अनपेड सिक्योरिटीज” यानी जिन शेयरों का भुगतान समय पर नहीं हुआ है, उनके नियमों में बदलाव सुझाए हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार, ब्रोकर अब ग्राहकों को भुगतान करने के लिए अधिकतम 5 ट्रेडिंग दिनों का समय दे सकेंगे। हालांकि, वे अपनी नीति के अनुसार इससे कम समय भी तय कर सकते हैं। अगर ग्राहक शाम 5 बजे से पहले भुगतान कर देता है, तो उसी दिन उसके शेयरों पर लगी पाबंदी (प्लेज) हटा दी जाएगी, जबकि देर से भुगतान करने पर अगले ट्रेडिंग दिन यह प्रक्रिया पूरी होगी।
सेबी ने यह भी सुझाव दिया है कि जरूरत के अनुसार आंशिक रूप से शेयरों को रिलीज किया जा सके, जिससे निवेशकों को ज्यादा सुविधा मिले। इसके अलावा, अगर 6 ट्रेडिंग दिनों तक न तो शेयर बेचे जाते हैं और न ही भुगतान होता है, तो वे अपने आप प्लेज से मुक्त हो जाएंगे। खास परिस्थितियों जैसे ट्रेडिंग बंद होने या बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान, ब्रोकर को एक हफ्ते तक अतिरिक्त समय मिल सकता है। सेबी ने इन बदलावों पर 15 मई तक आम लोगों से राय मांगी है।