वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में मुख्य वार्ताकारों ने इस रोडमैप को अंतिम रूप दिया। एसएसीयू के पांच सदस्य देशों में बोत्सवाना, एस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह बातचीत एक साल के भीतर पूरी होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत दोनों देश चुनिंदा वस्तुओं पर एक-दूसरे को शुल्क में छूट देंगे। हालांकि, इसमें सेवाओं का व्यापार शामिल नहीं होगा। वर्ष 2006 में इस पर विचार शुरू हुआ था, लेकिन 2010 में पांच दौर की बैठकों के बाद चर्चा रुक गई थी। इस बार पीयूष गोयल ने कहा कि भारत संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखेगा और उसे उम्मीद है कि एसएसीयू क्षेत्र से भी ऐसा ही सहयोग मिलेगा। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका इस समूह में भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझीदार है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.56 अरब डॉलर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से अफ्रीकी देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
तमिलनाडु सरकार ने 97 कंपनियों से 67,452 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता हासिल की
चेन्नई में गुरुवार को आयोजित एक निवेश सम्मेलन में तमिलनाडु सरकार के साथ नए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने वाली 97 कंपनियों में हिंदुजा समूह, स्काईरूट एयरोस्पेस और डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स शामिल थीं।
सरकार ने कहा कि इन समझौता ज्ञापनों में कुल 67,452 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धताएं शामिल हैं और इनसे 1.20 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। ये समझौते टीवीके सरकार के पहले 'वेट्री तमिलनाडु इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव 2026' में हुए, जो मई में पार्टी के सत्ता में आने के बाद से निवेश के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उद्योग मंत्री एस. कीर्थना की उपस्थिति में हस्ताक्षरित ये समझौते ऑटोमोटिव, नवीकरणीय ऊर्जा, जीवन विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनुसंधान और विकास और डेटा केंद्रों जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं और इनसे एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।