चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 6.33 प्रतिशत बढ़कर 11.89 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसका कारण अधिक कॉर्पोरेट कर संग्रह और धीमी रिफंड दर है। 1 अप्रैल से 12 अक्तूबर के बीच रिफंड जारी करने की राशि 16 प्रतिशत घटकर 2.03 लाख करोड़ रुपये रह गई।
अगस्त 2025 के दौरान चाय का उत्पादन घटकर 170.12 मिलियन किलोग्राम रह गया है, जबकि 2024 के इसी महीने में यह 184.45 मिलियन किलोग्राम था। चाय बोर्ड ने इससे जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 के दौरान असम में उत्पादन मात्रा 104.46 मिलियन किलोग्राम की तुलना में मामूली रूप से घटकर 103.52 मिलियन किलोग्राम रह गई। पश्चिम बंगाल में भी उत्पादन अगस्त 2025 में घटकर 45.90 मिलियन किलोग्राम रह गया, जो 2024 के इसी पिछले महीने में 56.08 मिलियन किलोग्राम था।
असम और पश्चिम बंगाल को मिलाकर, अगस्त 2025 के दौरान उत्तर भारत में चाय का उत्पादन घटकर 153.99 मिलियन किलोग्राम रह जाएगा, जबकि 2024 के पिछले महीने में यह 166.15 मिलियन किलोग्राम था। दक्षिण भारत में अगस्त 2025 के दौरान कुल उत्पादन घटकर 16.13 मिलियन किलोग्राम रह गया, जबकि अगस्त 2024 में यह 18.30 मिलियन किलोग्राम था।