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अर्थ जगत: उदय कोटक बोले- विकास के लिए राजकोषीय अनुशासन, सुधार अहम; तेलंगाना ने 20 हजार करोड़ का पैकेज मांगा

Sat, 19 Sep 2026 06:23 AM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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अनुभवी बैंकर उदय कोटक ने शुक्रवार को 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने के लिए राजकोषीय अनुशासन, अधिक पूंजी और बेहतर विनिर्माण क्षमताओं का आह्वान किया। उन्होंने वैश्विक तकनीकी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव से राष्ट्रीय संप्रभुता और आर्थिक स्वतंत्रता को चुनौती बताया। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सम्मेलन में कोटक ने केंद्र-राज्यों के समन्वय को महत्वपूर्ण कहा। भारत को राजकोषीय समेकन, वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने, घरेलू उत्पादन बढ़ाने और सोने के आयात को संबोधित करने सहित सात प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए। कोटक ने बताया कि भारत का समेकित राजकोषीय घाटा 7 फीसदी से अधिक है। उन्होंने आयात पर निर्भरता कम करने और दुनिया को चाहिए ऐसे उत्पाद बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कोटक ने वित्तीय विनियमन और विकास में संतुलन का भी आह्वान किया। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के परिवर्तन के लिए नवाचार और रचनात्मक विनाश अपनाने का आग्रह किया।

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अल नीनो प्रभाव से निपटने के लिए तेलंगाना ने 20,000 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा
तेलंगाना विधानसभा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से 20,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग का प्रस्ताव पारित किया। यह पैकेज अल नीनो के प्रभाव से राज्य में हुई बारिश की कमी से निपटने के लिए है। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि 1 जून से 16 सितंबर तक राज्य में केवल 536.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 664.5 मिमी होती है। राज्य के 33 में से 19 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। मानसून में सामान्य खेती का क्षेत्र 139.29 लाख एकड़ है, लेकिन केवल 88 फीसदी पर ही फसलें उगाई जा सकीं। 15 सितंबर तक प्रमुख जलाशयों में 585 टीएमसी क्षमता के मुकाबले सिर्फ 241 टीएमसी पानी उपलब्ध था, जबकि पिछले साल यह 497 टीएमसी था। यह पानी केवल पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, रबी फसलों के लिए नहीं। प्रस्ताव में पेयजल, सिंचाई और सूखा राहत के लिए 20,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की गई है। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए FRBM उधार सीमा को GSDP के 3 फीसदी से बढ़ाकर 3.5 फीसदी करने की अपील की गई। भाजपा फ्लोर लीडर ए महेश्वर रेड्डी ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के लिए आकस्मिक योजनाएं लागू नहीं कीं।

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